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Solan News: चुनाव से पहले भाजपा और निर्दलीय पार्षद अंडर ग्राउंड

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10 पार्षद कसौली होटल में ठहरे, 2 जुलाई को महापौर-उपमहापौर चुनाव के लिए लौटेंगे
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महापौर के लिए सुषमा शर्मा और उपमहापौर के लिए गौरव राजपूत का बनना लगभग तय
17 सदस्यीय निगम में भाजपा के 10, कांग्रेस के छह और एक निर्दलीय पार्षद
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नगर निगम चुनाव से पहले ही सोलन में सियासी माहौल गरमा गया है। भाजपा ने निर्दलीय समेत अपने सभी 10 पार्षदों को अंडर ग्राउंड कर दिया है। बताया जा रहा है कि ये पार्षद पिछले दो दिनों से कसौली के एक होटल में ठहरे हैं। वे किसी से संपर्क में नहीं हैं। सोमवार को शपथ लेने के बाद ही सभी पार्षद कसौली रवाना हो गए थे। शपथ से पहले भी ये सभी पार्षद धर्मपुर के होटल में ठहरे हुए थे।
अब 2 जुलाई को महापौर और उपमहापौर पद के चुनाव के लिए ही सभी पार्षद सोलन पहुंचेंगे। भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी भी उनके साथ हैं और वहां की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। नगर निगम के महापौर और उपमहापौर पद के समीकरण भी बदल गए हैं। सूत्रों के अनुसार महापौर पद के लिए भाजपा की वार्ड नंबर-2 से पार्षद सुषमा शर्मा का नाम तय माना जा रहा है। वहीं, उपमहापौर पद पर भाजपा के बागी होकर निर्दलीय चुनाव जीते पार्षद गौरव राजपूत का नाम लगभग तय बताया जा रहा है।
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सुषमा शर्मा लगातार चौथी बार पार्षद चुनी गई हैं। वहीं, गौरव राजपूत की पत्नी पहले भाजपा से वार्ड पार्षद रह चुकी हैं। गौरव राजपूत भी भाजपा से मनोनीत पार्षद रह चुके हैं। इस बार भाजपा से टिकट न मिलने पर उन्होंने वार्ड नंबर-3 से निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
यह बन रहे हैं समीकरण
नगर निगम सोलन के भाजपा के दो पार्षदों वार्ड नंबर-2 और वार्ड नंबर-6 के खिलाफ अवैध अतिक्रमण की शिकायत की गई है। उपायुक्त ने एसडीएम के माध्यम से जांच करवाकर रिपोर्ट मंडलायुक्त को भेज दी है। रिपोर्ट में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का उल्लेख किया गया है। वर्तमान में 17 पार्षदों वाली नगर निगम सोलन में भाजपा के 10, कांग्रेस के छह और एक निर्दलीय पार्षद हैं। यदि मंडलायुक्त भाजपा पार्षदों की सदस्यता रद्द करते हैं तो भाजपा के पास मतदान के लिए आठ पार्षद रह जाएंगे। वहीं, कांग्रेस के छह पार्षद और विधायक का वोट मिलाकर सात वोट हो जाएंगे।
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ऐसे में यदि निर्दलीय पार्षद कांग्रेस के साथ जाता है तो दोनों दलों के पास आठ-आठ वोट हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में चुनाव पर्ची या टॉस से हो सकता है। सूत्रों के अनुसार भाजपा ने निर्दलीय पार्षद को उपमहापौर पद देकर अपने साथ बनाए रखने का प्रयास किया है, ताकि नगर निगम पर उसकी पकड़ बनी रहे। हालांकि, 2 जुलाई को होने वाले चुनाव के बाद ही स्पष्ट होगा कि महापौर और उपमहापौर पद पर कौन काबिज होगा।
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