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सोलन अस्पताल में बायो-केमिस्ट्री एनालाइजर मशीन खराब

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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन की सरकारी लैब में बायो-केमिस्ट्री एनालाइजर मशीन खराब होने से मरीज परेशान हैं। रोजाना यहां पर मरीजों को टेस्ट तो लिखे जा रहे हैं लेकिन उन्हें करवाने के लिए मरीजों को निजी लैब का रुख करना पड़ रहा है।
सरकारी लैब में ये टेस्ट मात्र 100 से 150 रुपये में हो जाते हैं जबकि निजी लैब में उन्हें करवाने के लिए 500 से 600 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। दो दिनों से यह मशीन ठप पड़ी है। अस्पताल में इस मशीन का पिस्टन टूटा चूका है। इसे ठीक करवाने के लिए दिल्ली से इलेक्ट्रीशियन बुलाया गया है। दसके आने के बाद ही मशीन ठीक हो पाएगी। तब तक यहां मरीजों को परेशान होना पड़ेगा।
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सरकारी टेस्टिंग लैब के डॉक्टर अजय पाठक ने कहा कि अस्पताल में एनालाइजर मशीन का पिस्टन टूटा चुका है। अगले दो से चार दिनों में मशीन को ठीक करवा दिय जाएगा।
यह टेस्ट रुके
बायो-केमिस्ट्री एनालाइजर मशीन में शुगर, लीवर, यूरिया, क्रेटनेन, आरएफटी, एलएफटी समेत कई टेस्ट किए जाते हैं। आमतौर पर यह टेस्ट हर बीमारी व्यक्ति को लिखे जाते हैं। इसके बाद मरीज की बीमारी का पता चलता है और डॉक्टर इलाज शुरू करते हैं।
अस्पताल में रोजाना 1500 से ज्यादा की ओपीडी होती है। सोलन के अलावा सिरमौर जिले के मरीज भी इलाज के लिए यहां आते हैं। ऐसे में मशीन खराब होने पर मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए निजी लैब में जेब ढीली करवाकर परेशानी भी उठानी पड़ती है।
वह अपनी पत्नी को अस्पताल इलाज के लिए ले गए। वहां पर उन्हें कई टेस्ट डॉक्टरों ने लिखे। जब वह उन्हें करवाने सरकारी लैब में पहुंचे तो वहां पर मशीन खराब बताकर निजी लैब में टेस्ट करवाने को कहा। निजी लैब में 600 रुपये में टेस्ट करवाने पड़े। इसकी शिकायत प्रबंधकों से भी की गई।
विनोद गुप्ता, निवासी सोलन
उन्हें कई टेस्ट लिखे थे लेकिन सरकारी लैब में मशीन खराब होने के कारण उन्हें निजी लैब में करवाने पड़े। जिला अस्पताल में इस तरह से अव्यवस्थाओं से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
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राकेश शर्मा, निवासी सोलन
स्वास्थ्य मंत्री के जिले में अस्पताल की हालत खस्ता : शांडिल
अस्पताल में मशीन खराब होने से टेस्ट रुकने का मामला संज्ञान में आया है। यह शर्म की बात है कि जिस जिले से प्रदेश का स्वास्थ्य मंत्री है, वहां के अस्पताल में ऐसी हालत है। अस्पताल में निरीक्षण किया जाएगा और पता किया जाएगा कि यह मशीन बार-बार क्यों खराब हो रही है।
डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल, विधायक सोलन
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