अर्की (सोलन)। नगर पंचायत अर्की में टैक्स बढ़ोतरी के विरोध में विकास मंच अर्की का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को एसडीएम अर्की विकास शुक्ला से मिला। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम शुक्ला को ज्ञापन सौंपा बढ़ाए गृह कर पर विरोध जताया।
ज्ञापन में कहा है कि अर्की नगर पंचायत में जो गृह कर अर्की निवासियों पर थोपा गया है, वह शिमला शहर की तर्ज पर है जबकि अर्की और शिमला की किसी भी लिहाज से बराबरी नहीं की जा सकती। शिमला प्रदेश की राजधानी के साथ-साथ नगर निगम है जबकि अर्की एक उपमंडल मुख्यालय होने के साथ-साथ नगर पंचायत है। लोगों का कहना है कि अर्की की जनता पर भारी टैक्स थोपा है जबकि यह 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। लोगों ने मांग की है कि गृह कर निर्धारण के लिए वार्ड सदस्य की अध्यक्षता में हर वार्ड की एक कमेटी बनाई जानी चाहिए।
लोकेशन फैक्टर, जोन सिस्टम, स्ट्रक्चरल फैक्टर, भवनों की निर्माण अवधि, ऑक्यूपैंसी फैक्टर तथा यूज फैक्टर को ध्यान में रख कर गृह कर का निर्धारण किया जाए। लोगों ने यह भी मांग की है कि कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए आम आदमी को नगर पंचायत के गृह कर में 25 से 50 प्रतिशत की छूट दी जाए। इस अवसर पर अर्की विकास मंच के अध्यक्ष राकेश भारद्वाज, अधिवक्ता देवेंद्र शर्मा, व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनुज गुप्ता, प्रभा भारद्वाज, सोनू सोनी मौजूद रहे।