विवि प्रशासन से शिक्षकों व छात्रों पर कार्रवाई वापस लेने की मांग
राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप करने की भी उठाई गई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नौणी विश्वविद्यालय में प्रशासन, शिक्षकों और छात्रों के बीच बढ़ रहे विवाद पर कृषि वैज्ञानिक मंच (एएसएफ) ने गहरी चिंता जताई है। मंच ने विश्वविद्यालय में बिगड़ते शैक्षणिक माहौल की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए प्रशासन से शिक्षकों और छात्रों के खिलाफ जारी किए गए नोटिस और दंडात्मक कार्रवाई को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
कृषि वैज्ञानिक मंच के अध्यक्ष डॉ. संजय शर्मा और महासचिव डॉ. राकेश कुमार चाहोटा ने कहा गया कि विश्वविद्यालय प्रशासन और शैक्षणिक समुदाय के बीच लगातार टकराव की स्थिति बन रही है। अपनी जायज मांगों और अकादमिक हितों के लिए आवाज उठा रहे छात्रों को नोटिस थमाए जा रहे हैं, जबकि अपनी समस्याओं की अनदेखी से नाराज शिक्षक भी विरोध दर्ज करवाने को मजबूर हैं। 5 अक्टूबर को शिक्षकों ने कुलपति कार्यालय के बाहर एकत्रित होकर अपना रोष प्रकट किया था।
यह उठाई मांगें
मंच ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष मांगें उठाईं कि कार्रवाई व नोटिस वापस लें। बिना किसी निष्पक्ष जांच या उचित प्रक्रिया के छात्रों व शिक्षकों को दिए गए नोटिस और कार्रवाई तुरंत रद्द की जाए। जायज मुद्दे उठाने पर शिक्षकों और छात्रों को डराने-धमकाने या प्रताड़ित करने की कार्रवाई तुरंत बंद हो। प्रभावित पक्ष को अपनी बात रखने का पूरा और निष्पक्ष अवसर दिया जाए। कुलपति, अधिष्ठाता, शिक्षक प्रतिनिधियों और छात्र प्रतिनिधियों को शामिल कर तुरंत एक औपचारिक बातचीत की व्यवस्था बनाई जाए। विवाद के कारण पढ़ाई, अनुसंधान, परीक्षाओं और अकादमिक कैलेंडर पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े। मामले का निपटारा प्रशासनिक दबाव या आरोप-प्रत्यारोप के बजाय साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष रूप से हो।
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राज्यपाल और राज्य सरकार से हस्तक्षेप की अपील
कृषि वैज्ञानिक मंच ने हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल (कुलाधिपति) और राज्य सरकार से इस मामले में तुरंत संज्ञान लेने का आग्रह किया है। मंच ने अपील की है कि एक निष्पक्ष तंत्र के माध्यम से इस विवाद का जल्द समाधान निकाला जाए ताकि विश्वविद्यालय का माहौल और खराब न हो। मंच ने जोर देकर कहा कि नौणी विश्वविद्यालय कृषि व बागवानी शिक्षा का एक प्रतिष्ठित संस्थान है और इसके कैंपस को भय व अविश्वास के बजाय पठन-पाठन और शोध का केंद्र बने रहना चाहिए।