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किराये के भवनों में भरी जा रही नौनिहालों की शिक्षा की नींव

Mon, 25 Jul 2016 10:17 PM IST
ब्यूरो, सोलन
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नौनिहालों में शिक्षा की नींव खस्ताहाल या किराये के आंगनबाड़ी केंद्रों में रखी जा रही है। - फोटो : Demo pic
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नौनिहालों में शिक्षा की नींव खस्ताहाल या किराये के आंगनबाड़ी केंद्रों में रखी जा रही है। बेहतर शौचालय और पर्याप्त बिजली की आपूर्ति के अभाव में बच्चे प्रारंभिक शिक्षा की शुरुआत कर रहे हैं। ब्लॉक धर्मपुर में पचास फीसदी भवन किराये के भवनों में चल रहे हैं। कुल 224 में से 112 आंगनबाड़ी केंद्रों के पास नियमानुसार सरकारी भवनों की दरकार है।
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मात्र 48 आंगनबाड़ी केंद्र ही विभाग द्वारा बनाए भवनों में चल रहे हैं। जानकारी के अनुसार विभाग को पंचायत क्षेत्र के वार्डों में भूमि न मिलने के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन नहीं मिल पा रहे हैं। हालांकि इन भवनों के लिए बजट की दरकार नहीं है। आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए दो या तीन विस्वा भूमि की जरूरत पड़ती है। लेकिन भूमि न मिलने से विभाग लाचार है।

यहां हो रही दिक्कत
आंगनबाड़ी केंद्र नौण (धर्मपुर) में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राधा देवी और जाबली में शैरला, कोटी (जाबली) आंगनबाडी केंद्र की कार्यकर्ता जीत कंवर और पुष्पा इन्हीं अभावों के बीच आंगनबाड़ी केंद्र चला रही हैं। उनसे जब पूछा गया कि इतने छोटे से कमरे में कैसे व्यवस्था बनाते हो तो उन्होंने कहा कि  व्यवस्था तो बनानी पड़ती है। बच्चों को दिक्कत होती है। आंगनबाड़ी भवन के लिए दो या तीन बिस्वा भूमि लोग देते हैं तो विभाग धनराशि स्वीकृत करेगा। किराये के भवनों में अकसर बारिश में दिक्कत होती है।
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ग्रामीण दें भूमि : विभाग
बाल विकास परियोजना अधिकारी धर्मपुर एचसी शर्मा ने कहा की विभाग को आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए जमीन की जरूरत है। ग्रामीण इस समस्या का हल करेंगे तो बच्चों की शिक्षा की नींव किराये के भवनों में नहीं रखी जाएगी। बेहतर माहौल में उन्हें शिक्षा मिलेगी। ग्रामीणों से आंगनबाड़ी केंद्र के लिए भूमि मुहैया करवाने की मांग की है।
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