सोलन। महंगाई के इस दौर में पारंपरिक कृषि कार्य घाटे का सौदा साबित हो रहा है, जिसके कारण जिले का युवा अब बागवानी की तरफ रुख कर रहा है। सोलन जिले में हर वर्ष विभिन्न किस्मों के फलों के लाखों पौधे लगाए जा रहे हैं, जिससे बागवानी का क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। हर वर्ष किसान सबसे अधिक पौधे नौणी विवि, उद्यान विभाग समेत कुछ निजी नर्सरियों से खरीद कर रहे हैं।
कोठी देवरा, सैरी, जौणाजी, देवठी, घट्टी, कंडाघाट और बसाल जैसे क्षेत्रों में इस बार अर्ली किस्म के सेब की बंपर फसल हुई है। बागवानों सुरेंद्र कुमार, विक्रांत कपिल, तेजेंद्र, कपिल मेहता ने बताया कि ये पौधे लगाने के महज 2 से 3 वर्ष बाद ही फल देना शुरू कर देते हैं।
सबसे खास बात यह है कि यह सेब शिमला और अन्य ऊपरी क्षेत्रों से पहले तैयार हो जाता है, जिससे बाजार में इसके बहुत अच्छे दाम मिलते हैं। बागवान अगले सप्ताह से सेब की तुड़ाई का काम शुरू कर देंगे। बाजार में यह सेब 250 से 300 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, जिसे गिफ्ट पैक, वन लेयर और टू लेयर पैकिंग में भेजा जा रहा है। संवाद
सोलन में तैयार हुई सेब की अर्ली वैरायटी। संवाद