फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Solan News: जिले में सूखे से किसानों को 8.5 करोड़ का नुकसान

विज्ञापन
विज्ञापन
सोलन। रबी मौसम के दौरान प्रदेश में पड़ रहे सूखे के कारण जिले के किसानों को अब तक 8.5 करोड़ का नुकसान हो चुका है। यदि आने वाले दिनों में भी बारिश नहीं होती तो यह नुकसान और अधिक बढ़ जाएगा। लंबे समय से सूखे के कारण खड़ी फसलें खेतों में ही मुरझा गई हैं। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि विभाग ने जिले में बारिश न होने के कारण रबी फसलों को हो रहे नुकसान का आंकलन कर इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट के मुताबिक जिले में गेहूं की फसल को करीब 6.25 करोड़ का नुकसान हो चुका है। इसके अलावा सब्जी उत्पादकों को भी करीब 2.25 करोड़ की चपत लग चुकी है। सोलन जिले में किसान बागवान बेसब्री से बारिश का इंतजार कर रहे हैं और सिंचित क्षेत्रों में भी फसलों को बार-बार पानी देना पड़ रहा है, इसके बावजूद फसलों की ग्रोथ रुकी हुई है। असिंचित क्षेत्रों में तो फसलें पूरी तरह चौपट होती जा रही हैं।
विज्ञापन

इनसेट
21 हजार 300 हेक्टेयर में होती है गेहूं की बिजाई
जिले में करीब 21 हजार 300 हेक्टेयर भूमि में गेहूं की फसलों की बिजाई की जाती है। समय पर बारिश न होने के कारण इसमें से भी जिले के 15 फीसदी क्षेत्र में यानी करीब 3000 हेक्टेयर में बिजाई ही नहीं हो पाई थी। 18600 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों ने बिजाई की थी। इसमें से 8450 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इससे गेहूं की फसल को अब तक करीब सवा 6 करोड़ का नुकसान आंका गया है।
इनसेट
4400 हेक्टेयर में उगती हैं सब्जियां
जिले में रबी मौसम में 4400 हेक्टेयर क्षेत्र सब्जियों के अधीन आता है और इसमें किसान गोभी, मटर, आलू, लहसुन, मूली, शलगम, पालक आदि लगाते हैं। पिछले करीब 3 माह के लंबे सूखे के कारण सब्जियों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। करीब 450 हेक्टेयर क्षेत्र में लगाई गई सब्जियां न के बराबर हैं। इससे किसानों को करीब 2.25 करोड़ का नुकसान अब तक हो चुका है। जो किसान थोड़ी बहुत सिंचाई करते हैं उसका सब्जियों की ग्रोथ पर असर ही नहीं पड़ रहा है।
विज्ञापन

इनसेट
भूजलस्तर भी गिरा
नवंबर से लेकर मार्च तक होने वाली बारिश के कारण जमीन में नमी बनी रहती है और गर्मियों तक भूजल संचित रहता है। इन तीन माह के बीच नाममात्र बारिश होने के कारण भूजल स्तर भी काफी गिर गया है, जिससे गर्मियों में पेयजल संकट बढ़ने की आशंका हो गई है। इसके अलावा इन महीनों में होने वाली बारिश से खेतों में फसलों के अलावा अन्य घास भी उग जाती थी, जिससे पशुओं का पेट भी भरता था। इस बार न तो किसानों की फसलें हो पाई हैं और घास की भी कमी हो गई है।
इनसेट
सरकार को सौंपी है सूखे की रिपोर्ट
जिले में रबी फसलों को करीब 8.5 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। विभाग ने इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। आने वाले दिनों में भी बारिश नहीं होती तो यह नुकसान और अधिक बढ़ सकता है।
विज्ञापन

डॉ. डीपी गौतम कृषि उप निदेशक सोलन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें