सोलन। भक्तिमयी माहौल के बीच सोलन शहर में सुबह से शाम तक बाबा भोलेनाथ के जयकारे गूंजे रहे। सुबह शिवालयों में भक्तों की भीड़ रही तो शाम को मालरोड पर बाबा की भव्य बारात निकाली गई। रंगे-बिरंगे परिधानों में सजे शिव के गुरों ने सबको आकर्षित किया।
शूलिनी मंदिर से शुरू हुई शिवजी की बारात पूरे शहर से होते हुए वापस मंदिर परिसर में पहुंची। इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में लोग इस भव्य आयोजन का हिस्सा बने। इससे पूर्व शहर और आसपास के सभी शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। शहर में स्थित ऐतिहासिक नरसिंह मंदिर में भक्तों ने शीश नवाया। प्रसिद्ध जटोली मंदिर में भी भक्त दर्शन के लिए दिन भर कतारबद्ध खड़े नजर आए। यहां दूरदराज के क्षेत्रों से शिव भक्त पहुंचे थे। महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य पर मंदिरों में शिव प्रसाद के रूप में घोटा बांटा गया। शहर के अलावा जिले में शिव मंदिरों में भक्तों ने शिवजी के आराधना की। चायल में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर पंच वक्त्र महादेव मंदिर सकोड़ी में अनुष्ठान का आयोजन किया। सुबह से शिव भक्त मंदिर में जल-दूध, पुष्प और फलों का अभिषेक कर रहे थे। पंच वक्त्र महादेव सकोडी में अनुष्ठान मनु शर्मा कर रहे थे। मंदिर कमेटी सकोड़ी के प्रधान कृष्ण, सचिव तनु, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र, मुख्य सलाहकार सोमदत्त, सदस्य राकेश, अमर सिंह, प्रकाश, मोहन सिंह, रामस्वरूप, दिनेश और सुंदर सिंह ने बताया कि इस मंदिर में भंडारा 15 फरवरी को होगा। इसमें पर्यटकों सहित क्षेत्र के हजारों लोग भाग लेंगे। शिवालय कंडाघाट में शिव महापुराण की कथा सुनाई गई। कालका-शिमला हाइवे पर धर्मपुर के नजदीक प्राचीन शिव मंदिर पट्टामोड़ में खराब मौसम रहने के बावजूद महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिर में माथा टेकने के लिए सुबह से ही लोगों की भीड़ लगी रही।
धर्मपुर के आसपास कुमारहट्टी, सनातम धर्म मंदिर, सुक्की जोहड़ी स्थित शिव मंदिर सहित कई शिवालय में सुबह तड़के से ही बम-बम भोले के जयकारों से गूंजे रहे। शिवालय सैकड़ों लोगों की आस्था का केंद्र माना जाने वाले प्राचीन शिव मंदिर पट्टे का मोड़ में महाशिवरात्रि के अवसर पर मेले का आयोजन भी किया गया। कालका-शिमला नेशनल हाइवे पर स्थित पट्टामोड़ में प्राचीन शिव मंदिर कई दशकों से शिव भक्तों का आस्था का केंद्र बना हुआ है। यहां पर सैकड़ों की तादाद में हिमाचल के अलावा बाहरी राज्यों हरियाणा, पंजाब के श्रद्धालु शीश झुकाने आते हैं। स्वयं प्रस्फुटित हुए पहाड़ी के बीच में बने थनों पर लोग शीश झुकाते हैं। मंदिर में महाशिवरात्री पर्व पर जागरण, मेले और भंडारे का आयोजन किया गया। मंदिर कमेटी के प्रधान सुधीर गर्ग ने बताया कि महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर श्रद्धालु यहां भंडारे लगाते हैं। सोनी मिलन सेंटर लुधियाना वाले लगातार 50 वर्षों से अधिक समय से यहां भंडारा लगा रहे हैं। सुरेंद्र गोयल धर्मपुर वाले, नरेश गर्ग कुमारहट्टी वाले, हॉम संस परवाणू वाले लगभग पंद्रह सालों से और श्री गंगेश्वर, यूथ क्लब धर्मपुर तथा अन्य स्थानीय लोग दो साल से शिव भक्तो के लिए भंडारे लगा रहे हैं। यहां कुम्मारहट्टी, डगशाई, धर्मपुर, कसौली, कंडा और गढ़खल के लोग भी पूजा करने आते हैं। इस मौके पर मंदिर कमेटी के उपप्रधान नरेंद्र सिंह, मंदिर पुजारी, सबीर सौनी, संजय भट्ट, सुंदर सिंह, धनीराम, राजिंद्र, प्रमोद, कुणाल, हनी, राजकुमार, नीरज, जोगिंद्र, मनीष, आशीष अत्रि, तरसेम और वीरेंद्र शर्मा, मौजूद रहे।