संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर परवाणू से सोलन तक पहाड़ी वाली लेन में गिरा मलबा अब मुसीबत बनता जा रहा है। कई जगहों पर सड़क धंसने के बाद पहाड़ी वाली लेन में यातायात को डायवर्ट किया है। लेकिन सड़क पर पड़े मलबे के कारण ट्रैफिक सुचारु नहीं चल पा रहा है। वहीं इससे दुर्घटनाओं का अंदेशा भी बढ़ गया है। कई बार दोपहिया वाहनों के सामने अचानक बड़े वाहन आने से भी चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। सड़क पर 80 फीसदी क्षेत्रों में मलबा और पत्थर गिरे हैं।
इसे हटाने के लिए फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी की ओर से कार्य शुरू कर दिया गया है। लेकिन हजारों टन मलबा हटाना भी कंपनी के लिए चुनौती बना हुआ है। इस मलबे को डंप करने के लिए पुरानी साइटों का ही प्रयोग किया जा रहा है। हालांकि वन विभाग की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पत्र भी भेजा गया है। इस पत्र में अन्य डंपिंग साइट देने के लिए भी कहा है, ताकि मलबे को आसानी से हटाकर ठिकाने लगाया जा सके।
गौर रहे कि कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर मानसून के बाद हुए भूस्खलन के कारण लोगों को काफी दिक्कतें आ रही हैं। वहीं वर्तमान में भी कई क्षेत्रों में भूस्खलन हो रहा है। पहाड़ी से पत्थर और मलबा आफत बनकर सड़क पर कभी भी आकर गिर जाता है। इस बार बरसात में पिछले बार से अधिक मलबा सड़क पर आया है। वहीं दूसरी ओर सड़क भी काफी जगहों पर धंस गई है। ऐसे में यातायात को सुचारू रूप से चलाना भी किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं हैं। हालांकि अब फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी की ओर से मलबे को हटाकर एक लेन चलाई जा रही है। अगर यहां पर पहाड़ी से ओर अधिक मलबा सड़क पर आता है तो ट्रैफिक पूरी तरह से बंद हो जाएगा।
परवाणू से सोलन के बीच दत्यार, तंबूमोड़, चक्कीमोड़, जाबली, सनवारा, धर्मपुर, पट्टामोड़ और सोलन बाईपास पर भी काफी जगहों पर मलबा सड़क पर पड़ा हुआ है। इसके विपरीत इन्हीं जगहों में सड़क भी धंसी हुई है और वाहन पहाड़ी वाली लेन से ही आ जा रहे हैं।
इनसेट
रविवार को बनी जाम की समस्या
कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर कई जगहों में एक ही तरफा आवाजाही के कारण रविवार को जाम की समस्या बनी रही। ऐसे में लोग परेशान हुए और वाहनों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए घंटों का समय लग गया। सनवारा से धर्मपुर पहुंचने में आधा घंटा लगा। यहां पर पहाड़ी वाली लेन में मलबा गिरा हुआ है और ट्रैफिक एक तरफ ही चल पा रहा है।
इनसेट
वन विभाग की ओर से पहले से ही फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी को डंपिंग साइट दी हुई है, जिसमें काफी जगह है। इन्हीं डंपिंग साइट पर मलबा गिराने के लिए कहा गया है। इसी के साथ उच्चाधिकारियों की ओर से एनएचएआई को डंपिंग साइट के बारे में पत्र भी लिखा गया है।
-कुनाल अंगिरीश
डीएफओ, सोलन
इनसेट
मलबा हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। कई जगहों पर अधिक मलबा आया हुआ है। यातायात सुचारू रूप से चलाया जा सके इसके लिए कार्य तेजी से किया जा रहा है।
-ई. बलविंद्र सिंह
प्रोजेक्ट मैनेजर, फोरलेन निर्माता कंपनी।