हाईवोल्टेज ड्रामे के बीच पूरा हुआ नप का जनरल हाउस
पवन गुप्ता गुट ने किया किनारा, आठ पार्षदों की मौजूदगी में पूरा हुआ हाउस
जनरल हाउस से तय होना था मौजूदा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का कद
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। नगर परिषद में दिन भर चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच आखिर अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर जनरल हाउस पूरा करवाने में सफल रहे हैं। जनरल हाउस को शक्ति प्रदर्शन की तरह लिया जा रहा था और इसके होने या न होने पर भविष्य के रणनीतिकार नजर गढ़ाए बैठे थे। इसकी वजह से जनरल हाउस के समय में बदलाव कर इसे पूरा करवाया गया। जनरल हाउस के लिए 15 में से आठ पार्षदों की मौजूदगी अनिवार्य थी। विरोधी खेमे ने जनरल हाउस में न जाने का एलान किया था, जिसकी वजह से जनरल हाउस के पूरा होने की संभावनाएं खत्म हो गई थीं। जनरल हाउस के माध्यम से ही देवेंद्र ठाकुर के कद और अस्तित्व का भी अंदाजा होना था। खेमेबाजी की वजह से सुबह जनरल हाउस का समय बदल दिया गया। पहले इसे ग्यारह बजे से करवाया जाना था लेकिन बाद में इसका समय शाम को तीन बजे कर दिया गया। करीब साढ़े तीन बजे अध्यक्ष और उपाध्यक्ष समेत कुल नौ पार्षद जनरल हाउस में पहुंच गए। इनमें से आठ निर्वाचित जबकि एक मनोनीत पार्षद जनरल हाउस में मौजूद रहा। इनकी उपस्थिति से कोरम पूरा हो गया और जनरल हाउस में शहर से जुड़े मुद्दों पर पार्षदों ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की मौजूदगी में खुलकर चर्चा भी की। जबकि जनरल हाउस से पवन गुप्ता गुट के सात निर्वाचित जबकि तीन मनोनीत पार्षद जनरल हाउस से गैरहाजिर रहे। जनरल हाउस के बाद यह पूरी तरह से साफ हो गया है कि नगर परिषद में कौन किस गुट के साथ खड़ा है। पवन गुप्ता गुट को अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए आठ पार्षदों के समर्थन की जरूरत है जबकि अब तक यह गुुट इस गिनती को अपने साथ नहीं जोड़ पाया है। भाजपा ने सत्ता में आने के बाद शहर से चार पार्षदों को मनोनीत किया है लेकिन मनोनीत पार्षद अविश्वास प्रस्ताव में मतदान नहीं कर सकते हैं।
विकासात्मक मसलों पर की गई चर्चा : अध्यक्ष
नगर परिषद अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर का कहना है कि लोगों की समस्याओं को सुलझाने के लिए जनरल हाउस बुलाया गया था। हाउस में नौ पार्षद मौजूद रहे हैं। बहुमत होने की वजह से जनरल हाउस पूरी तरह से सफल रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जनरल हाउस को पूरा नहीं होने देना चाहते थे लेकिन जनहित को लेकर जागरूक पार्षद जनरल हाउस में पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि जनरल हाउस में जो भी मुद्दे चर्चा में आए हैं उनके आधार पर विकास कार्य पूरे किए जाएंगे।
इस्तीफा देने के बाद हाउस में जाने का औचित्य नहीं : गुप्ता
पूर्व नप अध्यक्ष पवन गुप्ता का कहना है कि छह पार्षदों ने मंडलाध्यक्ष को अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं और उनके इस्तीफों पर अभी तक पार्टी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। ऐसे में इस्तीफा सौंपने के बाद जनरल हाउस में जाने का औचित्य नहीं था। उन्होंने बताया कि उनके साथ सभी पार्षद जनरल हाउस में नहीं गए हैं, जिनमें तीन मनोनीत पार्षद भी शामिल हैं।
पार्कों में तैनात किए जाएंगे माली, जर्जर यात्री भवन की हालत सुधरेगी
नगर परिषद डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्रित करने की मुहिम को आगामी छह माह के लिए बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा जनरल हाउस में नप के कूड़ा उठाने वाले वाहनों को जीपीएस से जोड़ा जाएगा। इसके तहत नप के वाहनों की सही जानकारी समय-समय पर मिल जाएगी। इसमें नप वाहनों के हो रहे दुरुपयोग पर भी अंकुश लगेगा। इसके अलावा सोलन शहर के विभिन्न पार्कों की दशा सुधारने को लेकर भी चर्चा की गई। वर्तमान में शहर के विभिन्न पार्कों में स्थायी माली मौजूद नहीं है। इसके चलते यहां पर लगाए गए विभिन्न प्रकार के पौधे और फूल खराब हो रहे हैं। नगर परिषद पार्कों में चार माली की तैनाती की जाएगी। इसके बाद पार्कों की देखरेख सही ढंग से हो सकेगी। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के भवन सहित अन्य नक्शों को ऑनलाइन अपलोड करने से पहले इसके बारे में नप पार्षदों की राय लेना अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा मोहन पार्क के समीप जर्जर यात्री भवन की हालत सुधारने का भी निर्णय लिया गया।
ये पार्षद रहे मौजूद
अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर, उपाध्यक्ष मीरानंद, वार्ड नंबर एक की पार्षद नीलम, वार्ड नंबर तीन की पार्षद पार्वती तनवर, वार्ड नंबर पांच डॉ. प्रियंका, वार्ड नंबर छह की पार्षद सत्या वर्मा, वार्ड नंबर 14 की पार्षद सुलक्षणा, वार्ड नंबर 15 की पार्षद सोना नाहर व एक मनोनीत पार्षद मौजूद रहे।
ये रहे गैरहाजिर
पूर्व उपाध्यक्ष पवन गुप्ता, वार्ड नंबर दो की पार्षद सुषमा शर्मा, वार्ड नंबर चार से कृष्णा, वार्ड नंबर सात से मुकेश वर्मा, वार्ड नंबर नौ से पुनीत शर्मा, वार्ड नंबर दस से शशि इंद्र, वार्ड नंबर 12 से मधु कौशिक के अलावा तीन मनोनीत पार्षद भरत साहनी, गौरव राजपूत व नरेश गांधी जनरल हाउस में नहीं पहुंच सके।