मूसलाधार बारिश से किन्नौर जिले में तबाही के बाद जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पा रहा है। टापरी में छह दिन बाद एक व्यक्ति मलबे से जिंदा निकला है। उसे अचेत हाल में जेपी अस्पताल में भर्ती किया गया है।
जिले में बृहस्पतिवार को भी 80 फीसदी क्षेत्रों में बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। लोग नालों का पानी पीने के लिए मजबूर है।
बीते 16 और 17 जून को हुई भारी बारिश के बाद किन्नौर जिले को जोड़ने वाला एनएच अभी तक बहाल नहीं हो पाया है। एनएच बहाल करने के लिए वांगतू से लेकर खाब तक 40 मशीनों समेत करीब 800 जवान लगाए गए हैं।
इसे बहाल करने में कम से कम बीस दिन लगेंगे। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ और सांगला के कुछ क्षेत्रों को छोड़ अन्य इलाकों में बिजली-पानी की आपूर्ति ठप है। मिरू पंचायत में भी 1030 लोगों के घरों पर खतरा मंडरा रहा है।
उरनी पंचायत में भी करीब 250 घरों को खतरा बना हुआ है। यहां कई घर तबाह हो चुके हैं। बीआरओ के साथ जेपी कंपनी ने भी मशीनरी को राहत कार्यों में लगा दिया है। करीब 500 लोग अभी भी फंसे हैं।
उपायुक्त किन्नौर कै. जेएम पठानिया का कहना है कि सांगला, रिकांगपियो, पूह, नाको और ज्ञाबुंग से 301 लोगों को हेलीकाप्टर से रामपुर पहुंचाया गया है। प्रशासन के पास पर्याप्त खाद्य सामग्री मौजूद है।