नाहन। करीब दस वर्ष पुराने बोलेरो पिकअप चोरी मामले में अदालत ने आरोपी सादिक को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष वाहन की चोरी, शिकायतकर्ता के कब्जे तथा आरोपी से बरामदगी जैसे अहम तथ्यों को विश्वसनीय साक्ष्यों से साबित नहीं कर पाया।
मामले के अनुसार, 17-18 सितंबर 2016 की रात शिलाई क्षेत्र के चड़ेऊ गांव से बोलेरो पिकअप चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। जांच के दौरान वाहन उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नकुड़ थाने में मिला। पुलिस का दावा था कि वाहन आरोपी साजिद और सादिक के कब्जे से बरामद हुआ था तथा वाहन के कई पुर्जे निकालकर बेच दिए गए थे।
सुनवाई के दौरान सह-आरोपी साजिद की मृत्यु हो गई। इसके उसके विरुद्ध कार्रवाई समाप्त हो गई। वहीं, सादिक के खिलाफ अभियोजन ने छह गवाहों को पेश किया, लेकिन अदालत ने पाया कि न तो शिकायतकर्ता की गवाही कराई गई और न ही नकुड़ थाने के उन पुलिस अधिकारियों को अदालत में पेश किया गया। इसी आधार पर अदालत ने आरोपी सादिक को आईपीसी की धारा 379 और 34 के आरोपों से बरी कर दिया। संवाद-