-महिला मंडलों, युवाओं और विद्यार्थियों ने लगाए नारे, तहसीलदार के माध्यम से सीएम को भेजा ज्ञापन
-समिति ने कहा, प्राकृतिक ढलानों, जलस्रोतों और कृषि भूमि पर पड़ रहा असर, जांच की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
संगड़ाह (सिरमौर)। क्षेत्र में लंबे समय से चल रही खनन गतिविधियों को लेकर सोमवार को संगड़ाह में लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखा। वसुंधरा संरक्षण समिति के तत्वावधान में आयोजित जनचेतना रैली में महिला मंडलों, युवक मंडलों और स्कूली विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर पर्यावरण संरक्षण और खनन पर रोक लगाने की आवाज बुलंद की।
समिति ने तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर क्षेत्र में हो रहे खनन की जांच और पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की। रैली लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह से शुरू होकर बस अड्डा बाजार होते हुए उपमंडल मुख्यालय पहुंची। इस दौरान प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण और खनन गतिविधियों के विरोध में नारे लगाए। रैली के बाद बस अड्डा बाजार में नुक्कड़ सभा आयोजित की गई।
कार्यक्रम में मेजर जनरल अतुल कौशिक मुख्य अतिथि और अल्ट्रा मैराथन धावक सुनील शर्मा विशिष्ट अतिथि रहे। मेजर जनरल अतुल कौशिक ने कहा कि जंगल, जलस्रोत, भूमि और पहाड़ क्षेत्र की प्राकृतिक पूंजी हैं। इनके अवैज्ञानिक दोहन से भविष्य में गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। वहीं सुनील शर्मा ने खनन गतिविधियों से प्राकृतिक ढलानों और जलस्रोतों पर असर पड़ने की चिंता जताते हुए खनन कार्यों की जांच और नियमों के पालन की मांग की।
समिति अध्यक्ष रणजीत चौहान ने कहा कि संगड़ाह क्षेत्र में खनन गतिविधियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। समिति के अनुसार अवैज्ञानिक खनन से पहाड़ों की प्राकृतिक संरचना, जलस्रोत, कृषि भूमि और वन क्षेत्र प्रभावित होने के साथ भूस्खलन, धूल और ध्वनि प्रदूषण का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते अवैज्ञानिक खनन पर अंकुश नहीं लगाया गया तो क्षेत्रवासी आंदोलन तेज करने को मजबूर होंगे।
इस मौके पर पूर्व सैनिक संगठन के रणदीप शर्मा, ईश्वर शर्मा, ओमप्रकाश कंठ, रामलाल शर्मा, नागेंद्र सिंह, समिति महासचिव रिंकू कंठ, चेतन शर्मा सहित क्षेत्र के दर्जनों लोग मौजूद रहे।-