पांवटा साहिब (सिरमौर)। सरकार के बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। पिछले पांच वर्षों से पांवटा सिविल अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताले लटके हैं। गर्भवती महिलाओं को निशुल्क अल्ट्रासाउंड टेस्ट सुविधा पांवटा अस्पताल में कागजी साबित हो रही है।
क्षेत्र की महिलाओं को भारी राशि खर्च कर निजी अस्पतालों में टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। एक माह पहले पांवटा अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट समेत चार डॉक्टरों की नियुक्ति के आदेशों के बावजूद किसी चिकित्सक ने अब तक किसी ने भी पदभार नहीं संभाला है।
स्थानीय महिलाएं बाला शर्मा, राधा नेगी, कमलेश शर्मा, कल्पना राणा, सीमा चौहान, निर्जला व अलका का कहना है कि करीब पांच-छह वर्षों से अधिक समय से पांवटा अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताले लटके हैं। लाखों की मशीन धूल फांक रही है।
गर्भवती महिलाओं को फ्री अल्ट्रासाउंड सुविधा की घोषणा है लेकिन क्षेत्र की पात्र महिलाओं को महंगे दामों पर निजी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। क्षेत्र से ऊर्जा मंत्री होने के बावजूद पांवटा अस्पताल में दो सर्जन, रेडियोलॉजिस्ट व एनेस्थीसिया समेत आधा डॉक्टरों के पद रिक्त पड़े हैं।
एक माह पहले चार चिकित्सकों की ज्वाइनिंग की अधिसूचना हो गई लेकिन अब तक किसी ने ज्वाइन नहीं किया है। इससे आम जनता की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। विगत चार अक्तूबर को बाहती विकास युवा मंच ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था।
इसमें लंबे समय से पांवटा सिविल अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के खाली पद को भरने की मांग कर धरना-प्रदर्शन और सांकेतिक भूख हड़ताल की चेतावनी दी थी। इसके बाद प्रशासन व अस्पताल प्रबंधन ने सिरमौर में नौ चिकित्सकों (पांवटा में चार) की नियुक्ति के आदेश की अधिसूचना दिखाकर माहौल को शांत किया था। एक माह बाद भी पांवटा में दो सर्जन, रेडियोलॉजिस्ट और एनेस्थीसिया चिकित्सक ने पदभार ग्रहण नहीं किया है।
उधर, सिविल अस्पताल पांवटा साहिब के प्रभारी डॉ. अमिताभ जैन ने कहा कि कुल 22 में से चिकित्सकों के छह पद रिक्त हैं। पिछले माह चार डॉक्टरों दो सर्जन, रेडियोलॉजिस्ट व एनेस्थीसिया चिकित्सक के एक-एक पद भरने के आदेश हुए थे। इनमें से किसी भी चिकित्सक ने अब तक पदभार नहीं संभाला है।