संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। ग्रामीण महिलाओं को हुनरमंद बनाकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यूकोआरसेटी नाहन की ओर से आयोजित 12 दिवसीय फास्ट फूड प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया। प्रशिक्षण के समापन पर संस्थान की ओर से राकेश वर्मा और नीलिमा ने प्रशिक्षुओं के कार्यों का अवलोकन किया। इसके बाद प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस कार्यक्रम में सिरमौर के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आईं 23 महिलाओं ने भाग लेकर फास्ट फूड तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण हासिल किया।
प्रशिक्षण के दौरान ऊना से पहुंची प्रशिक्षक नीलम सूद ने महिलाओं को विभिन्न प्रकार के फास्ट फूड बनाने की बारीकियां सिखाईं। इसमें खाद्य सामग्री का सही चयन, स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा, स्वाद और गुणवत्ता बनाए रखने और खाद्य पदार्थों को आकर्षक ढंग से परोसने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को ऐसा हुनर प्रदान करना रहा, जिससे वे घर से ही छोटा कारोबार शुरू कर अपनी आमदनी बढ़ा सकें और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान दे सकें।
संस्थान की संकाय सदस्य मनीषा चौहान और तानिया भाटिया ने बताया कि प्रशिक्षण में महिलाओं को फास्ट फूड बनाने के साथ-साथ इसे स्वरोजगार के रूप में अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। उन्हें कच्चे माल की खरीद, लागत का आकलन, उत्पाद की कीमत तय करने, बचत और लाभ की गणना जैसी कारोबार से जुड़ी बुनियादी जानकारियां दी गईं। इसके अलावा स्थानीय बाजार में खाद्य उत्पादों की मांग, ग्राहकों की पसंद को समझने और तैयार उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के तरीकों के बारे में भी बताया गया।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों से प्रशिक्षण लेने पहुंची महिलाओं की सुविधा के लिए संस्थान की ओर से खाने-पीने और ठहरने की निशुल्क व्यवस्था की गई थी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रमाण पत्र मिलने से महिलाओं को सीखे गए कौशल के आधार पर स्वरोजगार शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। समापन समारोह में निदेशक नवज्योत कौर भी विशेष रूप से मौजूद रहीं।