साल 2019 का मामला, शिकायतकर्ता से उधार ली थी 3 लाख की राशि
मुआवजा न देने पर दोषी को भुगतनी होगी छह महीने की अतिरिक्त सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। चेक बाउंस के मामले में न्यायालय ने आरोपी राशिद अली को दोषी करार देते हुए दो वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पीड़ित को छह लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया गया। यह फैसला न्यायिक मजिस्ट्रेट विशाल तिवारी की अदालत ने सुनाया।
यह मामला 2019 का है। शिकायतकर्ता स्व. संजीव वर्मा ने पांवटा साहिब निवासी राशिद अली को तीन लाख रुपये का ऋण दिया था। ऋण की अदायगी के लिए आरोपी द्वारा जारी किए गए तीन चेक बैंक में प्रस्तुत किए गए, लेकिन अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गए। इसके बाद शिकायतकर्ता ने कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन निर्धारित समय में भुगतान नहीं हुआ। मार्च 2022 में मामला अदालत में दर्ज करवाई गई। अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपने बचाव में चेक को सुरक्षा के तौर पर दिया जाना बताया, लेकिन वह इसे साबित नहीं कर सका। न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए कहा कि चेक जानबूझकर जारी किए गए थे और भुगतान न करना कानूनन अपराध है।
अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि वित्तीय लेन-देन में भरोसा बना रहे। आदेश में दोषी को दो साल कैद के साथ छह लाख रुपये मुआवजा अदा करने का निर्देश दिया गया। यदि मुआवजा नहीं दिया गया तो आरोपी को छह महीने अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।