इंद्र की जलन और ओमी के जीवन का किया मंचन संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। गेयटी थियेटर के गौथिक हॉल में बुधवार को द थ्री शेड्स नाटक का मंचन हुआ। इसमें मानवीय भावनाओं और उनके परिणामों को दिखाया गया। कलाकारों ने नाटक के पात्र इंद्र के माध्यम से व्यक्ति के अंदर पलने वाली जलन और नफरत की भावना को दर्शाया। वहीं दूसरे पात्र आमी और उनकी पत्नी के माध्यम से सम्मानित जीवन तथा पुण्य कर्मों को दर्शाया जिसके चलते इंद्र के मन में यह भावना पैदा हुई।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कॉलेज संजौली की ओर से मंचित यह नाटक शेक्सपियर द्वारा लिखित ओथेलो की रूपांतरित कहानी पर आधारित है। इसका निर्देशन अजय शर्मा ने किया और सह निर्देशक वैष्णवी हरदेव ठाकुर रहे। नाटक शाम 5:30 बजे शुरू हुआ। नाटक शुरू होते ही पूरा हॉल दर्शकों से भर गया। नाटक में कलाकारों ने दर्शाया कि कैसे नाटक का पात्र इंद्र सत्ता की भूख में चालाकियां और छल कपट करता है। नाटक का दूसरा पात्र ओमी एक सम्मानित और ताकतवर इंसान है और उसकी पत्नी पुण्या बेहद सच्ची, निष्ठावान तथा गुणी महिला हैं। इसकी वजह से इंदर के मन में ओमी के प्रति जलन और नफरत भरी जाती है और वह सत्ता और नियंत्रण की लालसा में अंधा होकर एक खतरनाक योजना रचता है।
योजनाबद्ध तरीके से इंद्र धीरे-धीरे ओमी के मन में शक का जहर घोल के पुण्या की पवित्रता पर प्रश्न उठाता है। इसके बाद ओमी का डगमगाता विश्वास इंद्र के गहराते षड्यंत्र को दिखाता है। इसी कड़ी में नाटक में आगे इंद्र के राज खुलने का डर, अपनी महत्वाकांक्षा बचाए रखने के लिए इंद्र द्वारा रचित षड्यंत्र, ओमी और पुण्या के जीवन में आए उतार चढ़ाव को लेकर एक दुखद अंत को दिखाया है। नाटक में दिखाया कि जब तक सच सामने आता है तब सब कुछ बिखर जाता है। इससे निर्दोषों का जीवन खत्म और एक परिवार की कहानी त्रासदी में बदल जाती है। नाटक के माध्यम से संदेश दिया कि सत्ता और ईर्ष्या का अंधा खेल न सिर्फ निर्दोषों को तबाह करता है बल्कि उस इंसान को भी बर्बाद कर देता है जो इस विनाश की जड़ में होता है।