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न डीए, न एरियर और न ही शिक्षकों की दूसरी मांगें पूरी कर रही सरकार : महासंघ

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अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ सिरमौर ने सरकार पर साधा निशाना
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कहा, पदोन्नति की राह देख रहे शिक्षकों की फाइलें भी ढाई से फांक रही है धूल


संवाद न्यूज एजेंसी

नाहन (सिरमौर)। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने कहा है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की दिवाली इस बार फीकी पड़ गई है। प्रदेश में सबसे ज्यादा कर्मचारियों की संख्या वाले शिक्षा विभाग में डीए, एरियर और पदोन्नतियों की मांग पूरी नहीं हो रही है। सरकारी स्कूलों में लंबे समय से नियमितीकरण की राह देख रहे एसएमसी, कम्प्यूटर और वोकेशनल शिक्षकों में सरकार के खिलाफ खासा रोष है।

प्रेस को जारी बयान में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जिला सिरमौर के अध्यक्ष कपिल मोहन ठाकुर, प्रांत उपाध्यक्ष विजय कंवर, जिला महामंत्री दीपक त्रिपाठी, जिला उपाध्यक्ष राधेश्याम, ऋषिपाल शर्मा, मामराज चौधरी, ओंकार शर्मा, रोहित कुमार ने कहा कि प्रदेश के शिक्षक लंबित डीए, एरियर और पदोन्नतियों के लिए खुद को हताश और ठगा हुआ सा महसूस कर रहे हैं। प्रदेश में 16 प्रतिशत डीए जुलाई 2023 और एरियर लंबे समय से लंबित है, जिससे शिक्षकों पर महंगाई का भारी बोझ पड़ गया है। प्रदेश सरकार से उम्मीद थी कि लंबित डीए और एरियर का दिवाली से पहले भुगतान हो जाएगा, लेकिन अभी तक निराशा ही हाथ लगी।
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शिक्षा विभाग में लंबे समय से कार्यरत 2104 एसएमसी शिक्षक, 1300 कंप्यूटर शिक्षक और 2100 वोकेशनल शिक्षक सरकार के वायदानुसार नियमितीकरण के लिए पॉलिसी का इंतजार कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश के 2035 शिक्षक, पदोन्नति की राह देख रहे हैं, उनकी फाइलें भी ढाई वर्ष से लंबित पड़ी हैं।हाइकोर्ट के आदेशानुसार टीजीटी से प्रवक्ता पदोन्नति प्रक्रिया को 14 अक्टूबर तक पूर्ण कर सूची निकलनी थी, वो भी नहीं निकली। 850 स्कूल प्रधानाचार्यों के पदों की फाइलें भी जुलाई 2025 से लोक सेवा आयोग में लंबित है, जबकि हेडमास्टर से प्रधानाचार्य पदोन्नति के लिए नए आवेदन 15 अक्टूबर तक मांगे गए हैं। जेबीटी और सीएंडवी से टीजीटी के लिए पदोन्नति सूची भी ढाई वर्ष से लंबित है। जिसमें 300 शिक्षक निराश हैं। जेबीटी से हेडटीचर के लिए पदोन्नतियां हो रही है लेकिन जेबीटी और सीएंडवी से टीजीटी के 25 प्रतिशत पद भरने के लिए पदोन्नतियां लंबित है। लम्बे समय से प्रदेश के 900 स्कूलों में प्रिंसिपल के पद रिक्त है। प्रवक्ता व हेडमास्टर में प्रिंसिपल के पद पर पदोन्नति न होने से असंतोष है।
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