सतौन के पास नदी को जाने वाला रास्ता जिसे वन विभाग ने बंद कर दिया। संवाद
वन विभाग ने उठाया कदम, रास्ता पहले भी कई बार किया जा चुका बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
सतौन (सिरमौर)। पांवटा-शिलाई राष्ट्रीय राजमार्ग-707 पर सतौन के समीप गिरि नदी को जाने वाले रास्ते को वन विभाग ने एक बार फिर बंद कर दिया है। विभाग ने बुधवार रात कार्रवाई करते हुए इस मार्ग को बंद किया। यह रास्ता पहले भी कई बार वन और खनन विभाग बंद कर चुका है। इसके बावजूद ट्रैक्टर चालकों और क्रशर संचालक इसे दोबारा खोल देते हैं।
गिरि नदी तक जाने वाले रास्ते का उपयोग मालगी पंचायत के लोग दाह-संस्कार के लिए करते हैं। ग्रामीणों को शव को नदी तक ले जाने और दाह संस्कार के लिए लकड़ियां पहुंचाने के लिए इसी मार्ग से ट्रैक्टर से आवाजाही करनी पड़ती है। बताया जा रहा है कि जब यह रास्ता दोबारा खोला था तो इसे दुरुस्त भी किया गया और इस पर मिट्टी की सोलिंग तक कर दी गई थी।
लोगों का कहना है कि इस सड़क के बनने से जहां ग्रामीणों को दाह-संस्कार के लिए सुविधा मिल रही थी, वहीं दूसरी ओर अवैध रेत-बजरी के कारोबार में लगे लोगों को भी गिरि नदी तक पहुंचने के लिए आसान रास्ता मिल गया था। सूत्रों के अनुसार यह सड़क क्रशर संचालक की ओर से तैयार करवाई गई थी। बताया जा रहा है कि इस रास्ते के ठीक नीचे गिरि नदी बहती है। यहां दिनदहाड़े अवैध खनन की गतिविधियां भी चलती रही हैं। वन और खनन विभाग अवैध खनन को पूरी तरह रोकने में सफल नहीं हो पाए हैं। ऐसे में विभाग को बार-बार इस रास्ते को बंद करना पड़ रहा है।
वन विभाग के खंड अधिकारी अनवर ने बताया कि अवैध खनन को रोकने के लिए विभाग लगातार सक्रिय है। पहले भी इस रास्ते को कई बार बंद किया जा चुका है। मालगी पंचायत के लोगों का श्मशानघाट नदी के किनारे होने के कारण स्थानीय लोग इसे दोबारा खोल देते हैं। अवैध खनन पर रोक लगाने के उद्देश्य से ही विभाग ने एक बार फिर इस सड़क को बंद कर दिया है।