सिरमौर जिला में प्रशासन के आदेशों के बाद बंद रखा गया कालीस्थान मंदिर।
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नाहन / ददाहू (सिरमौर)। सरकार और जिला प्रशासन के बाद जिला सिरमौर के मंदिरों के कपाट शुक्रवार से बंद हो गए। इस दौरान मंदिर परिसरों में पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। मंदिर में सिर्फ पुजारी को पूजा-अर्चना की अनुमति है। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए हैं। शुक्रवार को जिला मुख्यालय नाहन सहित रेणुका तीर्थ के मंदिरों के मुख्य गेट पूरी रह बंद रखे गए। इस दौरान मंदिर के आसपास श्रद्धालु भी नहीं दिखे।
जिले में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते जिला प्रशासन ने मंदिरों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। ऐसा दूसरी बार हो रहा है जब दोबारा मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद कर दिया है। मंदिरों के गेट बंद रखे जाने से मंदिर परिसरों में पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा।
बता दें कि देश और प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर चल पड़ी है। कोरोना के दर्जनों मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना के बढ़ते प्रभाव के चलते शुक्रवार से मंदिरों और शक्तिपीठों के कपाट बंद कर दिए गए हैं। इससे श्रद्धालुओं को फिर से निराश होना पड़ रहा है। मंदिरों में देवताओं के दर्शनों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। केवल पुजारी ही सुबह शाम देवताओं की आरती कर सकेंगे। शेष समय मंदिरों को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ बंद रखा जाएगा।
रेणुकाजी तीर्थ में शुक्रवार की सुबह मंदिर परिसर के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया ताकि श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश न कर सके। श्रद्धालु दूर से ही माथा टेक सकेंगे। रेणुका विकास बोर्ड के सीईओ दीप राम शर्मा ने बताया कि शुक्रवार सुबह से ही मंदिरों को श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए बंद कर दिया गया है। सुबह व शाम केवल पुजारी ही मंदिर की आरती करेंगे। मंदिरों में श्रद्धालुओं का प्रवेश आगामी आदेशों तक वर्जित रहेगा। श्रद्धालु को दूर से ही माथा टेकने की इजाजत होगी।
वहीं जिला मुख्यालय नाहन स्थित कालीस्थान मंदिर, शिव मंदिर, पुलिस लाइन मंदिर, त्रिलोकपुर स्थित महामाया बालासुंदरी मंदिरों के मुख्य गेट बंद रखे गए। इस कारण श्रद्घालुओं को बाहर से ही लौटना पड़ा। उपायुक्त सिरमौर डॉ. आरके परूथी ने बताया कि मंदिरों को फिलहाल बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। केवल पुजारी ही मंदिरों में पूजा-अर्चना कर सकते हैं। यह कदम जिले में बढ़ते कोरोना से बचाव को लेकर उठाए गए हैं।