बच्चों को दी गई एल्बेंडाजोल की खुराक
सिरमौर के आंगनबाड़ी, सरकारी और निजी स्कूलों में खिलाई गई दवा
जिले में 1,85,474 बच्चों को एल्बेंडाजोल खिलाने का रखा लक्ष्य
दवा से वंचित रहे गए बच्चों को 16 अगस्त को दी जाएगी खुराक
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सिरमौर जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों, निजी और सरकारी स्कूलों में एक से 19 साल के बच्चों को एल्बेंडाजोल की खुराक दी गई। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर स्वास्थ्य कर्मियों, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने शिक्षण संस्थानों में जाकर दवा की खुराक बच्चों को खिलाई।
स्वास्थ्य खंड धगेड़ा के अंतर्गत इस अभियान की शुरूवात सिरमौर हिल्स पब्लिक स्कूल नाहन से की गई। यहां खंड चिकित्सा अधिकारी डाॅ. मोनीषा अग्रवाल व जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. विनोद सांगल की अगुवाई में स्कूल के बच्चों को दवा की खुराक दी गई।
कार्यक्रम के दौरान डाॅ. विनोद सांगल ने जहां बच्चों को हाथों की सफाई समेत दूसरी चीजों की महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। वहीं डाॅ. मोनीषा अग्रवाल ने छोटे बच्चों को दवा की खुराक देने के तरीके भी बताए। स्कूल में करीब 150 बच्चों को एल्बेंडाजोल दवा की खुराक दी गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. अजय पाठक ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि दिवस पर सिरमौर जिले में हजारों बच्चों को एल्बेंडाजोल की खुराक दी जा रही है। इसके लिए विभाग ने विशेष प्रबंध किए हैं।
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षकों की भी सेवाएं ली जा रही हैं।
डॉ अजय पाठक ने बताया कि जिले में 1,85,474 बच्चों को एल्बेंडाजोल दवा की खुराक देने का लक्ष्य रखा गया है। जिले में 1,446 सरकारी, 160 निजी स्कूलों के साथ-साथ 1,439 आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को यह दवा दी गई। जो बच्चे छूट जाएंगे उनको 16 अगस्त को दवा दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि एल्बेंडाजोल की दवा बच्चों के पेट में कीड़ों को खत्म करती है। बच्चों में खून की कमी का मुख्य कारण पेट में कीड़े होना रहता है। खून की कमी से एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है जिससे बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि एल्बेंडाजोल को लेकर अभिभावकों के मन में कई भ्रांतियां रहती हैं जबकि इसका कोई भी विपरीत असर नहीं पड़ता है।
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