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स्टेम पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रदेश के 200 और जिले के 51 स्कूल किए हैं चयनित
स्टेम शिक्षा प्रशिक्षण के अंतर्गत डाइट में गणित-विज्ञान के शिक्षक किए जा रहे प्रशिक्षित
पंकज तन्हा
नाहन (सिरमौर)। स्कूलों में कम उम्र से ही विद्यार्थियों को स्टेम (विज्ञान, प्रोद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) विषयों में रूचि लेने के लिए प्रोत्साहित करने और उनमें तार्किक सोच, सहयोग और जिज्ञासा जैसे महत्वपूर्ण कौशल को बढ़ावा देने के प्रयास शुरू किए गए हैं। स्टेम पायलेट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के 200 और जिला सिरमौर के 51 स्कूलों का चयन स्टेम शिक्षा के लिए किया गया है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को भविष्य में तकनीकी क्षेत्रों में सफलता के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग, रोबोटिक व एआर तकनीक आदि सिखाए जाएंगे।
इस पायलेट प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के मकसद से इन दिनों समग्र शिक्षा विभाग की ओर से डाइट नाहन में चयनित स्कूलों में तैनात विज्ञान व गणित के शिक्षकों के लिए स्टेम शिक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया है। दूसरे चरण के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 26 स्कूलों से आए विज्ञान व गणित के शिक्षक भाग ले रहे हैं। इन शिक्षकों को स्टेम पीडिया कंपनी से आए मास्टर ट्रेनर कई तरह का प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।
इस पायलेट प्रोजेक्ट स्टेम की जिला समन्वयक डॉ. नम्रता जोशी ने बताया कि पहले चरण के स्टेम शिक्षा प्रशिक्षण के बाद दूसरे चरण का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसका शुभारंभ जिला शिक्षा उपनिदेशक (गुणवत्ता) एवं जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा रीता गुप्ता ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में शिक्षकों का उत्साहवर्धन भी किया।
डॉ. नम्रता जोशी ने बताया कि स्टेम पायलेट प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रदेश के 200 और जिला सिरमौर के 51 स्कूलों का चयन किया गया है। शिक्षा में नवाचार और क्रिएटिविटी को बढ़ाने के मकसद से यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मास्टर ट्रेनर शिक्षकों को पिक्टोब्लॉक सॉफ्टवेयर पर कार्य करने का भी प्रशिक्षण दिया गया। यह सॉफ्टवेयर शिक्षकों के मोबाइल में भी डाउनलोड करवाया गया। इसके अलावा स्कूलों में विद्यार्थियों को किस तरह से प्रशिक्षण देना है, उसके लिए भी उनको पूरी तरह से तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण के बाद शिक्षक स्कूलों में जाकर प्रवीणता टेस्ट भी करवाएंगे। यह टेस्ट छठी से दसवीं कक्षा तक के सभी बच्चों के लिए अनिवार्य होगा। जबकि 11वीं और 12वीं कक्षा के गणित व विज्ञान विषय के बच्चे ही यह टेस्ट देंगे। जो भी विद्यार्थी ये टेस्ट उत्तीर्ण करेंगे उनको बेहतर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। विद्यार्थी जो प्रोजेक्ट तैयार करेंगे उनका जिला, प्रदेश, राष्ट्रीय स्तर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता होगी।
संवाद
डाइट नाहन में स्टेम शिक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को संबोधित करती जिला परियोजना अधिका