तीन सप्ताह में चिट्टे की लत के 10 रोगियों ने करवाया उपचार
मेडिकल कॉलेज में विशेष ओपीडी के दिखे सकारात्मक परिणाम
प्रत्येक शनिवार को दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक लग रही ओपीडी
चंद्र ठाकुर
नाहन (सिरमौर)। डाॅ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में चिट्टे व अन्य नशे की लत से जूझ रहे रोगियों के लिए प्रत्येक शनिवार को विशेष ओपीडी लगाई जा रही है। इस विशेष ओपीडी के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहें हैं। तीन सप्ताह में चिट्टे की लत के करीब 10 रोगियों का उपचार शुरू कर दिया गया है। खास बात यह है कि रोगी अब स्वयं इस लत को छुड़वाने के लिए आगे आ रहे हैं।
दरअसल, मार्च महीने के पहले सप्ताह में ड्राॅप्स ऑफ होप सोसायटी नाहन ने मेडिकल कॉलेज में चिट्टे की लत से जूझ रहे रोगियों के लिए विशेष ओपीडी लगाने की मांग अस्पताल प्रबंधन से की थी। इस पर एमएस डॉ. अजय पाठक ने प्रत्येक शनिवार को दोपहर 2 से 4 बजे तक मनोरोग कक्ष में ऐसे रोगियों के लिए विशेष ओपीडी चलाने के निर्देश जारी किए। शुरू में सोसायटी की ओर से कुछ मरीजों को यहां लाया गया। इसके बाद रोगी स्वयं काउंसलिंग और उपचार के लिए यहां पहुंच रहे हैं।
गौरतलब है कि क्षेत्र में खासकर युवा वर्ग चिट्टे की लत में फंसता जा रहा है। पुलिस ने भी दर्जनों मामले दर्ज किए हैं। इनमें पकड़े गए अधिकतर आरोपी युवा वर्ग ही हैं। जानकार बताते हैं कि जब एक-दो मर्तबा चिट्टे का सेवन कर लिया जाता है तो उसके बाद व्यक्ति को इस नशे की लत पड़ जाती है। लगातार सेवन करने से व्यक्ति के आचरण में बिल्कुल बदलाव आ जाता है। जब तक चिट्टा न मिले व्यक्ति सामान्य अवस्था में नहीं रह सकता है।
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ऐसे किया जा रहा मरीज का उपचार
मनोरोग विशेषज्ञों के अनुसार चिट्टे की लत के रोगी की सबसे पहले खून की जांच की जाती है। इसके बाद एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और सी जांच करवाई जाती है। चूंकि चिट्टे को व्यक्ति सिरिंज के माध्यम से भी लेता है, ऐसे में एचआईवी पॉजिटिव होने का खतरा भी रहता है। इस दौरान एग्रेसिव काउंसलिंग भी की जाती है। दो महीने तक रोगी को नशे से बिल्कुल दूर रखा जाता है। यदि लीवर संक्रमण की समस्या है तो उसे दवाइयां भी दी जाती हैं। इसके बाद मोटिवेशनल और डी-एडिक्शन थैरेपी से उपचार किया जाता है।
मेडिकल कॉलेज के मनोरोग कक्ष में चिट्टे की लत के रोगियों को लिए सप्ताह के प्रत्येक शनिवार को दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक विशेष ओपीडी शुरू की गई है। तीन सप्ताह के दौरान करीब 10 रोगियों का उपचार शुरू किया गया है। अपील की जाती है कि इस तरह के नशे के आदी लोग विशेष ओपीडी में उपचार करवाएं। चिट्टे के रोगियों के लिए विशेष परामर्श सेशन भी आयोजित करने पर विचार किया जा रहा है।
....डॉ. अजय पाठक, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज नाहन।
...संवाद