वन विभाग के तारुवाला परिसर से खतरानक रसल वाइपर सांपको पकड़ते स्नेक मैन भूपेंद्र सिंह: स्त्रोत
सूचना मिलने पर वन विभाग के तारुवाला परिसर में चला अभियान
खतरनाक व जहरीले सांपों की लिस्ट में शामिल है रसल वाइपर
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। वन विभाग के तारुवाला परिसर में स्नेक मैन भूपेंद्र सिंह ने रसल वाइपर सांप का रेस्क्यू किया। सांप की इस नस्ल को खतरनाक श्रेणी में रखा जाता है। वन कॉलोनी परिसर में घुसे इस सांप को पहले वन टीम ने पकड़ने के प्रयास किए। लेकिन, बाद में स्नैक मैन भूपेंद्र सिंह को मौके पर बुलाया गया। काफी मशक्कत के बाद सांप को पकड़ने में सफलता मिल सकी।
भूपेंद्र सिंह ने कहा कि वन टीम की कॉल आई थी। जिसके बाद वन विभाग की तारुवाला जंगल के साथ लगती कॉलोनी परिसर में पहुंचे। मौके पर एक रसल वाइपर सांप रेस्क्यू किया गया है। कहा कि जंगलों में कई खतरनाक सांप इस बार भी पकड़े हैं। लेकिन, ये रसल वाइपर दुनिया के खतरनाक और जहरीले सांपों में की श्रेणी में होता है। वन टीम ने भी पूरे साजो-सामान के साथ इस सांप को पकडऩे की कोशिश की थी। रसल वाइपर सांप का आकार काफी बड़ा था। रसल वाइपर की पहचान है यह हल्के पीले रंग और उस पर भूरे धब्बे बने होते हैं। खतरा होने पर यह सांप कुकर में बजाने वाली सीट की तरह आवाज करता है। काफी फुर्तीला होने पर इसको पकड़ना कई बार खतरनाक भी साबित हो जाता है। इस सांप के काटने पर सबसे तेज दर्द होता है साथ ही शरीर गलने लगता है, किडनी और दिमाग पर सबसे तेजी के साथ असर होता है कुछ मिनट में सांस लेना मुश्किल हो जाता है। फिर भी पूरी सतर्कता से रसल वाइपर सांप को पकड़ा और थैली में रेस्क्यू किया।
डीएफओ पांवटा साहिब ऐश्वर्य राज ने पुष्टि की है। कहा कि वन टीम ने भूपेंद्र सिंह के सहयोग से खतरनाक श्रेणी के सांप को पकड़ लिया है।
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