वर्ष 2025 में मात्र डेढ़ से दो हजार नए कामगारों का हुआ पंजीकरण
संजय गुप्ता
कालाअंब (सिरमौर)। सिरमौर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। ताजा उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 के अंत तक औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में करीब 25,000 कामगार ही कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) में पंजीकृत हुए हैं। वहीं जमीनी हकीकत यह है कि यहां भवन निर्माण कार्यों और विभिन्न उद्योगों में 60 हजार से अधिक मजदूर और कामगार कार्यरत हैं।
जानकारी के मुताबिक वर्ष 2025 के दौरान सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत ईएसआईसी में मात्र डेढ़ से दो हजार नए श्रमिकों का ही पंजीकरण हो पाया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि कुल श्रमिक आबादी का केवल 40 से 45 प्रतिशत हिस्सा ही ईएसआईसी जैसी महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना के दायरे में आ सका है। शेष बड़ी संख्या में कामगार आज भी स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना सुरक्षा और अन्य वैधानिक लाभों से वंचित हैं।
सूत्रों के अनुसार कई उद्योगों में नियमों को दरकिनार कर कर्मचारियों को ईएसआईसी में पंजीकृत नहीं किया जा रहा। कुछ उद्योगों में ठेकेदार प्रणाली का सहारा लेकर मजदूरों को अस्थायी या दैनिक वेतनभोगी दर्शाया जा रहा है ताकि सामाजिक सुरक्षा से जुड़े दायित्वों से बचा जा सके। वहीं करीब 20 प्रतिशत श्रमिक ऐसे भी हैं, जिन्हें यह जानकारी तक नहीं है कि ईएसआईसी में पंजीकरण उनका अधिकार है।
लिहाजा, औद्योगिक क्षेत्र में नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई के अभाव में नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है, जिसका सीधा असर मजदूरों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर पड़ रहा है। बहरहाल, कर्मचारी राज्य बीमा निगम सभी पात्र कामगारों को ईएसआईसी के दायरे में लाए जाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इससे न केवल उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र में श्रम संतुलन और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
इस संबंध में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के प्रबंधक सन्नी मल्होत्रा ने बताया कि वर्तमान में कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 25,000 कामगार विभाग में पंजीकृत हैं। उन्होंने कहा कि समय-समय पर उद्यमियों के साथ बैठकें कर पात्र श्रमिकों को ईएसआईसी में पंजीकृत करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उन्हें भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जा सके। इस मिशन के लिए उन्होंने उद्यमियों से भी सहयोग की अपेक्षा की है।
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