नाहन (सिरमौर)। वर्ष 1621 में बसे नाहन शहर में बंदरों के आतंक से निपटना नामुमकिन हो चुका है। आलम यह है कि शहर के लोग पिंजरों में कैद हो गए हैं, चैन फिर भी नहीं मिल रहा है। आलम यह है कि शहर-शहर और गांव-गांव में उत्पाती बंदरों ने लोगों का जीना हराम कर दिया है।
परेशानी की बात तो यह है कि बंदर तो बाहर खुली हवा में सांस ले रहे हैं। जबकि, लोग अपने की घरों में कैद होकर रह गए हैं। कैद होना लोगों की मजबूरी भी बन गया है। बंदरों से बचाव के लिए नाहन शहर में लोगों ने अपना ही घरों को पिंजरा बना दिया है। जबकि बंदरों के आतंक के कारण ग्रामीण इलाकों में कई लोगों ने खेती तक करना छोड़ दी है।
सत्तासीन और पूर्व की कोई भी सरकार बंदरों के आतंक से लोगों को बचाने के लिए कोई भी कारगर कदम नहीं उठा पाई है। नाहन शहर में उत्पाती बंदर कई बच्चों को जख्मी कर चुके हैं। लोगों का अपने घरों की छत पर टहलना भी मुश्किल हो गया है। घरों की बालकनी व बरामदे आदि में लोहे की जाली लगाकर लोग घरों में दुबकने को विवश हैं। किचन में बंदरों का जाना और सामान उठाना आम बात हो गई है। छतों पर कपड़े सूखाने या फिर अपने ही घरों के भीतर प्रवेश करना भी बंदरों ने मुश्किल कर दिया है।
स्कूली बच्चों और महिलाओं का कहीं आना जाना दूभर हो गया है। गली और सड़क किनारे बैठे बंदरों के झुंड के कारण बच्चे अक्सर स्कूल के लिए लेट भी हो रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में तो और भी बुरी हालत है, यहां खेत खलियानों को बंदरों ने बर्बाद कर दिया है। कई किसान खेती तक करना छोड़ चुके हैं।
हालांकि इसे लेकर किसान सभा प्रदर्शन भी करती रही है। लेकिन, बंदरों से निजात दिलाने के प्रयास नहीं हुए। बेशक सरकार ने बंदरों की नसबंदी की योजना शुरू की है, लेकिन यह योजना सफेद हाथी ही सिद्ध हुई है। लोगों की बंदर सदन बनाने की मांग भी अधूरी ही रही है।
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डॉ. बिंदल ने की लोगों की मुश्किलें हल
भाजपा के मीडिया प्रभारी राकेश गर्ग ने कहा कि डॉ. राजीव बिंदल ने सड़कों, पुलों, बिजली ट्रांसफार्मर, पेयजल व सिंचाई योजनाओं का निर्माण करवाकर लोगों की मुश्किलें दूर की। बंदरों की नसबंदी भी करवाई है। आने वाले समय में इस समस्या से निपटने पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।
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सरकार ने नहीं बनाई ठोस नीति
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नाहन के अध्यक्ष ज्ञानचंद चौधरी ने कहा कि सरकार ने बंदरों से बचाव के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई। शहरों में लोग परेशान हैं तो गांवों में किसान व बागवान। प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनते ही इस समस्या से निपटने के लिए प्राथमिकता बरती जाएगी।
नाहन की रानीताल में सड़क किनारे बैठे बंदरों के झुंड के कारण सुनसान पड़ा मार्ग। संवाद- फोटो : NAHAN
राकेश गर्ग।- फोटो : NAHAN
नाहन के रानीताल मार्ग पर बंदरों के झुंड के कारण सड़क पर रूके स्कूटी सवार। संवाद- फोटो : NAHAN