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18 साल लंबे संघर्ष के बाद नाहन पंचायत को मिली सड़क

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नहन (सिरमौर)। तकरीबन 18 साल बाद नाहन पंचायत के आठ गांव सड़क सुविधा से जुड़ गए। बनोग-धार क्यारी-कांशीवाला संपर्क सड़क के बनने से नाहन पंचायत के छह वार्डों समेत सेना क्षेत्र में रह रहे हजारों लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
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खास बात ये है कि ये संपर्क सड़क निकट भविष्य में नाहन के बाईपास के तौर पर बड़ा विकल्प होगी। अब तक जिला मुख्यालय नाहन में कोई बाईपास नहीं है। लिहाजा, नाहन में लगातार बढ़ रहे यातायात दबाव से निपटने के लिए ये सड़क मील का पत्थर साबित होगी।
शुक्रवार को सांसद सुरेश कश्यप और नाहन के विधायक डॉ. राजीव बिंदल ने इस सड़क पर सरकारी बस रवाना करके सड़क का शुभारंभ किया। खास बात ये है कि बनोग में ये सड़क नाहन-कुमारहट्टी एनएच 907-ए जबकि कांशीवाला में नाहन-पांवटा साहिब एनएच-07 को आपस में जोड़ती है। करीब आठ किलोमीटर लंबी ये सड़क नाहन पंचायत के मझोली, भलगों, धार क्यारी, जाबल का बाग, गाड्डा, बुब्बी, कोटली और रोड़ा वाली गांव को दोनों प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ेगी।
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बता दें कि यह सड़क 2004 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत स्वीकृत हुई थी। सड़क का कार्य शुरू किया गया था लेकिन बीच में 300 मीटर का पैच सेना की जमीन आने से इसके निर्माण को रोकना पड़ा।
नाहन के विधायक डॉ. राजीव बिंदल ने इस सड़क के निर्माण के भरपूर प्रयास किए। हर मंच पर आर्मी सिविलियन विवाद की समस्या को बार-बार उठाया। इस समस्या को लेकर केंद्रीय रक्षा मंत्रालय से भी बातचीत की गई। आखिर लंबी जद्दोजहद के बाद हाल ही में सरकार की ओर से सेना को 1.12 करोड़ रुपये के करार के बाद 300 मीटर जमीन लोक निर्माण विभाग के नाम हस्तांतरण कर दी गई। इसके बाद कुछ ही समय में विभाग ने इस सड़क का निर्माण भी पूरा कर लिया गया।
अब इस सड़क को पक्का करने को लेकर डीपीआर बनाई जाएगी। डीपीआर बनते ही मामला नाबार्ड को फंडिंग के लिए जाएगा। इस सड़क के दोनों ओर हाईवे की कनेक्टिविटी होने से भविष्य में नाहन के बाईपास की समस्या के स्थायी समाधान की भी उम्मीद प्रबल हो गई है।
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