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Sirmour News: शमशेर स्कूल में डिजिटल स्क्रीन और मैप्स से संवर रहा विद्यार्थियों का भविष्य

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जिले के सबसे पुराने शमशेर स्कूल नाहन में स्थापित की गई डिजिटल स्क्रीन। संवाद
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सचित्र(कृपया उचित स्थान दें, स्पेस की कमी हो तो रोक सकते हैं)
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पंकज तन्हा

नाहन (सिरमौर)। अगर आप सोचते हैं कि सरकारी स्कूल केवल पुरानी इमारतों और ब्लैकबोर्ड तक सीमित हैं, तो आपको सिरमौर के ऐतिहासिक शमशेर वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नाहन की दहलीज पर कदम रखना चाहिए। रियासतकालीन वैभव को समेटे यह स्कूल आज अपनी ऐतिहासिक पहचान के साथ-साथ स्मार्ट विजन के लिए चर्चा के केंद्र में हैं। प्रधानाचार्य राजकुमार चौहान के प्रयासों से स्कूल की दीवारों पर अब सिर्फ रंग-रोगन नहीं, बल्कि ज्ञान का डिजिटल सैलाब उमड़ रहा है।

स्कूल के मुख्य द्वार से लेकर दीवारों पर लगी हाई-टेक डिजिटल स्क्रीन्स अब बच्चों से बात करती हैं। ये स्क्रीन्स केवल शो-पीस नहीं हैं, बल्कि नशे जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एक साइलेंट वॉरियर की भूमिका निभा रही हैं। जब छात्र इन स्क्रीन्स पर नशे के घातक परिणाम और देश-दुनिया का सामान्य ज्ञान फ्लैश होते देखते हैं, तो वह जानकारी उनके जेहन में किसी फिल्म की तरह दर्ज हो जाती है।
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बाक्स

दीवारों पर उतरा भूगोल : नक्शों से समझ रहे सीमाओं का गणित

शमशेर स्कूल के प्रधानाचार्य राजकुमार चौहान ने रटंत प्रणाली को उखाड़ फेंकने के लिए दृष्टि मैप्स का सहारा लिया है। स्कूल परिसर में बनवाए विशाल और सटीक मानचित्रों के जरिए छात्र अपनी उंगलियों के पोरों से जिले की सरहदों को नाप रहे हैं। नदियों का संगम और सड़कों का जाल, गिरि और यमुना का प्रवाह हो या नेशनल हाईवे की कनेक्टिविटी, सब कुछ अब छात्रों की आंखों के सामने स्पष्ट है। हिमाचल की सीमाओं से सटे पड़ोसी राज्यों और जिलों की भौगोलिक स्थिति को समझना अब बच्चों के लिए बाएं हाथ का खेल बन गया है। जिले के प्रमुख मंदिर और ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ रही है।

शमशेर स्कूल की यह नई पहल न केवल बच्चों का बौद्धिक स्तर सुधार रही है, बल्कि यह निजी स्कूलों के चमक-धमक वाले दावों को भी कड़ी चुनौती दे रही है। डिजिटल साक्षरता और व्यावहारिक भूगोल का यह अनूठा संगम नाहन के इस सबसे पुराने शिक्षा सदन को प्रदेश का सबसे आधुनिक गुरुकुल बना रहा है।

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स्कूल का कोना दे व्यावहारिक ज्ञान, ये कोशिश

शमशेर स्कूल नाहन के प्रधानाचार्य राजकुमार चौहान ने बताया कि सरकारी स्कूल निजी स्कूलों से किसी भी सूरत में कम नहीं है। सरकारें सभी सुविधाएं बच्चों को दे रहीं हैं। उनका भी प्रयास है कि स्कूल की हर दीवार और कोना बच्चों को ज्ञान की अनुभूति करवाए।
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-संवाद

जिले के सबसे पुराने शमशेर स्कूल नाहन में स्थापित की गई डिजिटल स्क्रीन। संवाद

जिले के सबसे पुराने शमशेर स्कूल नाहन में स्थापित की गई डिजिटल स्क्रीन। संवाद

जिले के सबसे पुराने शमशेर स्कूल नाहन में स्थापित की गई डिजिटल स्क्रीन। संवाद

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