बिजली के अघोषित कट से परेशान होकर शिलाई इलाके की पांशी बेल्ट के ग्रामीणों ने एसडीओ कार्यालय का घेराव किया। वीरवार को ग्रामीण बोर्ड के सतौन उपमंडल के एसडीओ से मिले। ग्रामीणों का आरोप हैै कि बोर्ड रोजाना रात के समय अघोषित कट लगा रहा है। इससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर पांशी बेल्ट के पांच पंचायतों के ग्रामीणों ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर भारी रोष जताया। साथ ही व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 10 दिनों का अल्टीमेटम भी दिया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनके क्षेत्र की विद्युत समस्या का निर्धारित दिनों के भीतर स्थायी समाधान नहीं किया गया तो दूसरी कार्रवाई की जायेगी।
ग्रामीण गुलाब सिंह चौधरी, चांदनी पंचायत के पूर्व उपप्रधान गीताराम, शशि कपूर, कुंदन सिंह, खजान सिंह, सोहन सिंह, सुनील शर्मा, दिनेश कुमार, रमेश कुमार, जितेंद्र कुमार, नरेश कुमार, कपिल, भगवान सिंह, कैलाश, वीरेंद्र, धनवीर कपूर व सचिन कपूर आदि ने बताया कि रोजाना शाम को 9 और 10 बजे के बीच पांशी बेल्ट की पांच पंचायतों में बिजली गुल हो जाती है। कई बार सुबह होने के बाद ही बिजली आती है।
गर्मी के कारण रात को ग्रामीणों को बाहर सोना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हर बार बोर्ड के अधिकारियों से एक ही जवाब मिलता है कि मौसम खराब होने के कारण विद्युत लाइन में खराबी आ जाती है। ग्रामीणों ने सवाल उठाए कि दिन के समय यदि मौसम खराब होता है तो सप्लाई बाधित क्यों नहीं होती। ग्रामीणों ने बीते रविवार को रात 11 बजे सतौन स्वीचयार्ड का घेराव भी किया था और बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी भी की। बावजूद इसके बिजली की समस्या का स्थायी तौर पर कोई समाधान नहीं हो पाया। इस कारण ग्रामीणों को एसडीओ कार्यालय घेरना पड़ा।
उधर, सतौन उपमंडल के सहायक अभियंता एसएस शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या जायज है। लाइन में कहीं फाल्ट होने पर पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित हो जाती है। उन्होंने बताया कि पांच दिन के अंदर समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
इलाके की पांशी बेल्ट के मानल, पेदुआ, भजौन, शडीयार, चांदनी, अंबोण, कोडग़ा सखौली, क्यारी, मालगी व छछेती सहित कई दर्जन उपगांव बिजली समस्या से परेशान है। इन गांवों के लिए सतौन से बिजली की आपूर्ति होती है। हर रोज बिजली 9 बजे गुल हो जाती है और सुबह होने के बाद ही बहाल होती है।