-17 से 40 आयु वर्ग के मरीजों की संख्या में हो रहा इजाफा
-जनवरी से अब तक 600 के करीब मरीज हुए हैं प्रभावित
-मेडिकल कॉलेज में रोजाना उपचार को पहुंच रहे 100 के करीब लोग
चंद्र ठाकुर
नाहन (सिरमौर)। डिजिटल युग में मोबाइल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का बढ़ता उपयोग अब आंखों की सेहत पर भारी पड़ने लगा है। लगातार स्क्रीन पर नजर टिकाए रखने की आदत से लोगों की आंखें कमजोर हो रही हैं। सिरदर्द, जलन और भारीपन जैसी समस्याएं आम होती जा रहीं हैं।
मेडिकल कॉलेज नाहन के नेत्र विभाग में इन दिनों मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। रोजाना 100 से अधिक लोग आंखों की जांच और उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं, लेकिन 17 से 40 वर्ष आयु वर्ग के मरीजों की संख्या सबसे अधिक सामने आ रही है। नेत्र विशेषज्ञों के अनुसार मोबाइल और लैपटॉप का अत्यधिक इस्तेमाल आंखों की समस्याओं का प्रमुख कारण बनता जा रहा है।
लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में ड्राइनेस, भारीपन, जलन और सिरदर्द की शिकायतें बढ़ रही हैं। मेडिकल कॉलेज में जनवरी 2026 से अब तक करीब 600 मरीज मोबाइल-लैपटॉप के ज्यादा प्रयोग से प्रभावित हुए हैं। औसतन एक महीने में 200 के करीब मरीज उपचार के लिए पहुंचे रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई, वर्क फ्रॉम होम और डिजिटल बैठकों के बढ़ते चलन ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों की माने तो कम रोशनी में मोबाइल या लैपटॉप का उपयोग करने से आंखों की पुतलियां अधिक फैल जाती हैं। इससे फोकस प्रभावित होता है और धीरे-धीरे नजर कमजोर हो सकती है। स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन के स्तर को प्रभावित करती है। इससे नींद में कमी आती है। आंखों को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता, जिससे समस्याएं और बढ़ जाती हैं।
मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग की एचओडी डॉ. शालू गुप्ता ने बताया कि मोबाइल और लैपटॉप के ज्यादा उपयोग से लोगों की आंखें प्रभावित हो रही है। अस्पताल में ऐसे मामले बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग सीमित रखें। हर 20 मिनट बाद आंखों को आराम दें। दिन में 3-4 बार ठंडे पानी से आंखें धोएं। रोजाना कम से कम 8 घंटे की नींद लें। बच्चों को आउटडोर खेलों के लिए प्रेरित करें। आंखों की बेहतर सेहत के लिए गाजर, टमाटर, पपीता, दूध, मक्खन, देसी घी, हरी पत्तेदार सब्जियां, अंडे का सेवन करें। जंक फूड से दूरी बनाकर संतुलित आहार अपनाने से आंखों की रोशनी को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। संवाद