छह पंचायतों के ग्रामीण लामबंद, बोले- निजी बस को रूट देना मान्य नहीं
स्कूल, कॉलेज जाने वाले विद्यार्थी और महिलाएं होंगी सुविधा से महरूम
संवाद न्यूज एजेंसी
सराहां (सिरमौर)। सराहां–चमरोगी–नाहन–नैना टिक्कर–नाड़व–खोजर सरकारी बस सेवा को बंद करने की संभावनाओं को लेकर लोगों में रोष है। इस बस सेवा को जारी रखने और किसी भी निजी बस को रूट परमिट न देने की मांग को लेकर पच्छाद क्षेत्र की छह पंचायतों के लोगों ने आग्रह पत्र सरकार और परिवहन निगम को भेजे हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकारी बस सेवा बंद की गई तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि यह सरकारी बस सेवा पिछले करीब दो दशकों से संचालित हो रही है। सराहां, जामन की सेर, सुरला जनोट, कथाड़, काटली और नैना टिक्कर पंचायतों के लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है। बस के माध्यम से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूल, कॉलेज, आईटीआई के विद्यार्थी, महिलाएं और कर्मचारी सराहां व अन्य क्षेत्रों तक आवागमन करते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि आय कम होने का हवाला देकर इस बस सेवा को बंद करने की तैयारी की जा रही है, जो पूरी तरह अनुचित है। इस संबंध में क्षेत्र का एक प्रतिनिधिमंडल पहले एसडीएम पच्छाद से भी मिल चुका है और उनके माध्यम से मुख्यमंत्री तथा परिवहन मंत्री को ज्ञापन भेजा गया था। रामेश्वर दत्त शर्मा, मामराज शर्मा, राजेंद्र ठाकुर, जयदेव सिंह, रमेश चंद, सुरेश दत्त, राजेंद्र सिंह, मुकेश दत्त शर्मा और वैभव शर्मा ने कहा कि सरकारी बस सेवा बंद होने से विद्यार्थियों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि इस रूट पर किसी भी निजी बस को परमिट दिया जाना स्वीकार्य नहीं होगा।
ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया और बस सेवा बंद की गई तो छह पंचायतों के लोग एकजुट होकर सड़कों पर उतरेंगे और विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। संवाद