छात्रों का तैयार होगा समग्र बहुआयामी रिपोर्ट कार्ड
एनसीईआरटी की परख संस्था ट्रायल बेस पर सरकारी स्कूलों में चलाएगी प्रोजेक्ट
छात्र की शक्तियों, अवसरों, रुकावटों और कौशल की हो सकेगी पहचान
पंकज तन्हा
नाहन (सिरमौर)। आने वाले समय में सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों की रिपोर्ट कार्ड का स्वरूप बदलने वाला है। इसके लिए एनसीईआरटी ने पहल शुरू कर दी है। दरअसल, एनसीईआरटी की परख संस्था ने एक समग्र बहुआयामी रिपोर्ट कार्ड (हॉलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड) तैयार किया है।
इस रिपोर्ट कार्ड में स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों का चौतरफा विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके लिए एनसीईआरटी ने हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों के पांच-पांच स्कूलों का चयन किया है। इन चयनित स्कूलों में ट्रायल बेस पर पायलट प्रोजेक्ट चलेगा।
इस प्रोजेक्ट के तहत चयनित किए स्कूलों से एक-एक छात्र का समग्र बहुआयामी रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा।
इसमें छात्र की पूरे साल की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। इसमें छात्र की क्षमता, रूचि, शिक्षा व दूसरे क्षेत्रों में उसका प्रदर्शन, छात्र के बारे में उसके दोस्तों, परिजनों और शिक्षकों तक की राय को दर्ज किया जाएगा।
इससे छात्र की शक्तियों, अवसरों, रुकावटों और कौशलों की भी पहचान हो सकेगी। यही नहीं यह कार्ड छात्रों के संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोवैज्ञानिक विशेषता को भी दिखाएगा।
इसके साथ ही यह पत्रक कक्षा प्रक्रिया और बच्चे की प्रगति के बीच संबंध की भी संपूर्ण रिपोर्ट उपलब्ध करवाएगा।
जानकारी के अनुसार ट्रायल बेस पर चलने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए जिला सिरमौर की राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नाहन, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चाकली, उच्च पाठशाला जामली, प्राथमिक स्कूल धौण और भेड़ों पाठशाला को शामिल किया है।
एनसीईआरटी ने चयनित स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों के जिला समन्वयकों को दिल्ली में बुलाकर इस रिपोर्ट कार्ड के महत्व और उद्देश्य से अवगत करवा दिया गया है।
यही नहीं जिला समन्वयकों ने भी अपने-अपने डाइट संस्थानों में चयनित स्कूलों के शिक्षकों की कार्यशाला आयोजित करके इसका प्रशिक्षण दे दिया है।
माना जा रहा है कि इस ट्रायल बेस पायलेट प्रोजेक्ट की फीडबेक सही मिलने पर एनसीईआरटी बहुत जल्द स्कूलों से दिए जाने वाले रिपोर्ट कार्ड के स्वरूप में बदलाव कर सकती है।
जिला मूल्यांकन समन्वयक एकता शर्मा ने बताया कि जिले के पांच स्कूलों में समग्र बहुआयामी रिपोर्ट कार्ड को लेकर ट्रायल बेस पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर दिया गया है।
इसकी रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर भेजने के लिए कहा गया है ताकि यह रिपोर्ट 25 दिसंबर से पहले एनसीईआरटी को प्रेषित की जा सके। संवाद