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Sirmour News: सेल डीड बरकरार, संपत्ति की बिक्री को चुनौती खारिज

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धोखाधड़ी और गलत प्रस्तुतीकरण के आधार पर सेल डीड रद्द करने की थी मांग
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नाहन। शिलाई में जमीन और उस पर बने मकान और दुकानों की वर्ष 2013 में हुई बिक्री को धोखाधड़ी बताते हुए रद्द कराने की मांग अदालत ने खारिज कर दी है। सिविल जज विकास कपूर की अदालत ने लाल सिंह के कानूनी वारिसों की ओर से दायर वाद को खारिज करते हुए कहा कि वादी पंजीकृत सेल डीड को चुनौती देने के लिए साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। अदालत ने यह भी माना कि वाद समय-सीमा से बाधित था।
मामला वर्ष 2017 में दायर किया था। लाल सिंह के वारिसों ने रमेश कुमार, भगवान सिंह और छत्तर सिंह के खिलाफ वाद दायर किया था। इसमें 7 फरवरी 2013 को निष्पादित सेल डीड को धोखाधड़ी, गलत प्रस्तुतीकरण और बिना पर्याप्त प्रतिफल के तैयार किया गया दस्तावेज बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की गई थी। साथ ही, इसी आधार पर 7 फरवरी 2013 को दर्ज म्यूटेशन रद्द करने और स्थायी निषेधाज्ञा जारी करने की मांग भी की गई थी। प्रतिवादियों ने वादी के आरोपों से इनकार किया था।
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सुनवाई के दौरान लाल सिंह की स्वास्थ्य स्थिति से संबंधित साक्ष्य भी अदालत के समक्ष रखे गए। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल शारीरिक बीमारी या दृष्टि बाधित होने से यह साबित नहीं होता कि कोई व्यक्ति बिक्री विलेख के प्रभाव को समझने और अपने हित में निर्णय लेने की मानसिक क्षमता नहीं रखता था।
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अदालत ने वाद से जुड़े घोषणा, स्थायी निषेधाज्ञा और म्यूटेशन रद्द करने के तीनों मुद्दों पर वादी के खिलाफ फैसला सुनाया। इसके साथ ही जमीन, मकान और दुकानों की बिक्री से संबंधित वाद को खारिज कर दिया गया। संवाद
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