ये कैसा विकास! 25 किमी़ लंबी सड़क पर लगा दीं 427 टाकियां
दोसड़का से लेकर ददाहू तक तारकोल पैच से लगाया जा रहा मरहम
श्री रेणुकाजी तीर्थ को जोड़ने वाली मुख्य सड़क बना पैच वाला मार्ग
हितेश शर्मा
नाहन (सिरमौर)। कहते हैं बेहतरीन सड़कें किसी भी राज्य के विकास और प्रगति का आईना होती हैं। सड़कों की स्थिति देखकर आसानी से समझ आ जाता है कि राज्य विकास की ओर बढ़ रहा है या नहीं।
यदि सिरमौर की बात करें तो यहां की सड़कों की हालत कुछ ठीक नहीं है। हालांकि आपदा की मार भी इस बार सड़कों पर पड़ी है लेकिन जो सड़कें बचीं भी उनकी दशा भी लगातार बिगड़ रही है।
यहां उत्तरभारत के प्रसिद्घ तीर्थ स्थल श्री रेणुकाजी को जोड़ने वाली दोसड़का-ददाहू सड़क टाकियों (पैच) वाली सड़क बनकर रह गई है। नाहन से दोसड़का तक नेशनल हाईवे (नाहन-कुमारहट्टी-907ए) का सफर करने के बाद जैसे ही ये सड़क एमडीआर (मेजर डिस्ट्रिक रोड) में बदलती है, बस पैच के ऊपर चलकर इसपर सफर शुरू हो रहा है। ये सफर दोसड़का से ददाहू तक ऐसे ही जारी रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेला खत्म हो चुका है। मेले में चाहे बाहरी राज्यों से नामी कलाकार पहुंचे या श्रद्घालु। सभी को जिले के मुख्य मार्ग से ददाहू और रेणुकाजी तक पहुंचना पड़ा। दोसड़का से ये सड़क ददाहू तक 25 किलोमीटर लंबी है जिसपर लोक निर्माण विभाग ने पैच वर्क शुरू किया है। अबतक इस सड़क पर 427 पैच लग चुके हैं। जमटा के समीप अब भी ये कार्य जारी है।
वहीं खादरी और खदाल के आसपास के हिस्से ऐसे हैं, जहां न तो टारिंग हुई और न ही पैच वर्क। धूल भरे गुबारों के बीच पहुंचे श्रद्घालुओं को यहां का विकास भी नजर आ गया। हैरानी की बात ये है कि श्री रेणुकाजी मेले को नाम तो अंतरराष्ट्रीय स्तर का दे दिया लेकिन सड़कों की हालत किसी से छिपी नहीं है।
जिले के मुख्य मार्गों में आने वाली ये सड़क जिला शिमला के कुपवी, चौपाल के साथ- साथ जिला सोलन को भी जोड़ती है, जिसकी हालत काफी खराब है। मरम्मत के नाम पर सिर्फ पैच लगाकर मरहम लगाया जा रहा है।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता दलीप सिंह चौहान ने बताया कि बरसात से सड़क की हालत काफी खराब हो चुकी थी, फिलहाल इसे पैच लगाकर ठीक किया जा रहा है। पैच लगाने का काम ठेके पर दिया है।
रेणुकाजी तीर्थ को जोड़ने वाली सड़क पर लगे पैच। संवाद
रेणुकाजी तीर्थ को जोड़ने वाली सड़क पर लगे पैच। संवाद