नाहन (सिरमौर)। जनपद में दो दिन से जारी बारिश के बीच एक बार फिर से जिले में जनजीवन प्रभावित हुआ। बारिश के दौरान हुए भूस्खलन के चलते नाहन-शिमला नेशनल हाई-वे 907ए करीब पांच घंटे बंद रहा। वहीं, लोक निर्माण विभाग की 22 सडक़ें भी इस दौरान अवरुद्ध हो गईं।
हालांकि, शुक्रवार दोपहर बाद विभाग ने 18 सड़कों को यातायात के लिए बहाल कर दिया। जबकि भारी भूस्खलन से अवरुद्ध शेष चार सड़कों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके चलते लोग निर्माण विभाग को 59.15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
जानकारी के अनुसार भूस्खलन के चलते नाहन-शिमला नेशनल हाईवे 907ए शुक्रवार सुबह शनाड़ी मंदिर के पास बंद हो गया। राजमार्ग पर सुबह पांच से साढ़े सात बजे तक आवाजाही बंद रही। इसके बाद मशीन ने मार्ग को बहाल किया लेकिन आठ से 11 बजे तक मार्ग फिर बाधित रहा। इस दौरान हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सबसे अधिक परेशानी कॉलेज के छात्रों को हुई, जिनकी शुक्रवार को परीक्षा थी। हालांकि बाद में एचआरटीसी ने एक बस भेजकर इन छात्रों को अपने गंतव्य तक पहुंचाया।
एनएच प्राधिकरण ने एक जेसीबी को भूस्खलन स्थल पर तैनात किया है ताकि मार्ग को जल्द खोला जा सके। इसके साथ-साथ रात से जारी बारिश के बीच लोक निर्माण विभाग की 22 सड़कें बंद रहीं, जिन्हें विभाग की मशीनरी से दोपहर तक बहाल किया गया। कई स्थानों पर फिर से मलबा गिर रहा है। इससे मशीन को भी सड़कें बहाल करने में दिक्कतें पेश आ रही हैं।
लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता वीएन पराशर ने बताया कि भूस्खलन से विभाग की 22 सड़कें शुक्रवार को अवरुद्ध हुईं। इनमें से 18 सड़कों को बहाल कर दिया गया है। जबकि शेष चार सड़कों को बहाल किया जा रहा है।
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जिले में ये सड़कें रहीं अवरुद्ध
शुक्रवार को बारिश के बीच शिलाई क्षेत्र की श्रीरेणुकाजी-सतौन, चांदनी-कटवार, बाग-हाबड़ा, कोडग़ा-सखोली, बोहार खड्ड, राजपुर-कंडेला, बहराली-बनैर, रास्त-मानल, मानल-कोडगा और कांटीमश्वा सड़क बंद रही। इसी तरह पांवटा साहिब क्षेत्र की पांवटा-पुरुवाला-भगाणी, सालवाला-पांवटा, कोलर-बिलासपुर, गिरिनगर-जटौन और माजरा-व्यास सड़कें भी जगह-जगह बाधित रही। जबकि, पच्छाद क्षेत्र में ओच्छघाट-नारग और नैनाटिक्कर-डिलमन सड़क भी भूस्खलन के चलते बंद रही, जिनमें अधिकांश सड़कें बहाल कर दी गई हैं।