रेणुकाजी बांध प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते संघर्ष समिति के सदस्य। संवाद
-मांगे पूरी हुए बिना शुरू नहीं होने देंगे रेणुका बांध का कार्य
-रेणुका बांध प्रबंधन ने छह विस्थापितों को थमाए थे नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। रेणुकाजी बांध विस्थापित संघर्ष समिति ने सोमवार को अपनी मांगों को दोहराते हुए बांध प्रबंधन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। साथ ही बांध परियोजना स्थल पर चल रहे जांच कार्यों को भी रुकवा दिया। स्थिति के तनावपूर्ण होता देख परियोजना के अधिकारियों ने वार्ता के लिए विस्थापितों को कार्यालय में बुलाया, लेकिन विस्थापित अपनी मांगों पर अडिग रहे।
इससे पूर्व विस्थापित स्थानीय पंचायत घर में एकत्रित हुए, जहां उन्होंने अपनी मांगों के पूरा ना होने के विरोध में जमकर कर प्रदर्शन व नारेबाजी की। बाद में परियोजना स्थल के पास चल रहे ड्रिलिंग व मिट्टी की जांच के कार्य को भी बंद करवा दिया। समिति के अध्यक्ष विजय ठाकुर, संयोजक विनोद ठाकुर, सचिव योगेश ठाकुर ने बताया कि बांध प्रबंधन ने छह लोगों को विस्थापन का नोटिस थमाया है।
समिति उन विस्थापितों का दर्द समझते हुए उनके साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ी है। विस्थापन से पहले उनका पूरा हक मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बांध प्रबंधन विस्थापितों की मांगों को पूरा किए बिना सुरंगों के निर्माण की प्रक्रिया को अपना रहा है। मांगों के समर्थन में 30 जनवरी को विस्थापितों का एक प्रतिनिधिमंडल विधायक विनय कुमार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भी शिमला में मिल चुका है। बावजूद इसके बांध प्रबंधन गृहविहीन परिवारों की सूची को जारी नहीं कर पाया है।
बीओडी की बैठकों में विस्थापितों की मांगों व हितों के मुद्दों पर कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। रेणुकाजी बांध परियोजना के कार्यवाहक महाप्रबंधक अरुण कपूर ने बताया कि विस्थापितों की हर समस्या का समाधान चरणबद्ध तरीके किया जा रहा है। उनकी मांगों को बीओडी और कॉर्पोरेशन के उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा जा चुका है। इस मौके पर परियोजना के अन्य अधिकारी व संघर्ष समिति के पदाधिकारी व विस्थापित मौजूद रहे। संवाद