ट्रायल कोर्ट ने तीन माह की कैद और 3 लाख का किया था जुर्माना
अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने फैसले के खिलाफ अपील की खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। चेक बाउंस मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कपिल शर्मा ने दोषी की अपील खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ट्रायल कोर्ट का निर्णय पूरी तरह न्यायसंगत है।
गौरतलब है कि 5 अक्तूबर 2024 को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तहसील पांवटा साहिब निवासी संगत सिंह को दोषी ठहराते हुए तीन महीने के कारावास और तीन लाख रुपये मुआवजा देने की सजा सुनाई थी। मुआवजा राशि अदा न करने की स्थिति में दोषी को एक महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतने के आदेश भी दिए गए थे। इसी फैसले के खिलाफ दोषी ने अतिरिक्त सत्र अदालत में अपील दायर की थी।
मामला फरवरी 2019 का है। उप-तहसील रोनहाट निवासी शिकायतकर्ता मोहन लाल से आरोपी ने अपनी वित्तीय आवश्यकताओं के लिए दो लाख रुपये उधार लिए थे। आरोपी ने जून में राशि लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन तय समय पर भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता को एक चेक दिया, जिसे बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस कर दिया गया।
चेक बाउंस होने के बाद शिकायतकर्ता ने आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया। अंततः शिकायतकर्ता ने न्यायालय की शरण ली। सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा और मुआवजा देने के आदेश पारित किए थे।
अब सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए दोषी की अपील को खारिज कर दिया है।