नाहन। घरेलू हिंसा मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने महिला की याचिका को खारिज कर दिया है। हीना ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और घर से निकालने के आरोप लगाए थे।
महिला ने अदालत से संरक्षण आदेश, अलग निवास के लिए किराया, स्त्रीधन की वापसी, मासिक भरण-पोषण और मुआवजे की मांग की थी। अदालत ने पाया कि आरोप सामान्य प्रकृति के हैं और इनके समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। न तो मारपीट के संबंध में कोई चिकित्सीय प्रमाण दिया गया और न ही दहेज मांग के संबंध में कोई ठोस गवाह पेश किया गया। अदालत ने यह भी माना कि पति की ओर से पहले से भरण-पोषण दिया जा रहा है। अदालत ने याचिका को असंवेदनशील और अप्रमाणित मानते हुए खारिज कर दिया।संवाद