कर्मचारियों ने नाहन में अधीक्षण कार्यालय के बाहर लगाए नारे, पेंशनर भी हुए शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। बिजली बोर्ड के निजीकरण के विरोध में प्रदेश स्तरीय आह्वान पर नाहन में प्रदर्शन किया गया। एचपीएसईबी इंप्लाइज यूनियन की नाहन इकाई और पेंशनर संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने दोपहर बाद अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर एकत्र होकर नारेबाजी की।
पेंशनर संघ की नाहन इकाई के महासचिव कमलेश पुंडीर ने बताया कि प्रदर्शन में बोर्ड कर्मचारियों, अभियंताओं, आउटसोर्स कर्मियों, पेंशनरों और विद्युत उपभोक्ताओं ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 के माध्यम से बिजली क्षेत्र के निजीकरण का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है, जिसका कर्मचारी वर्ग विरोध कर रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकारों पर केंद्र सरकार बिजली कंपनियों के निजीकरण के लिए दबाव बना रही है। इसी दिशा में बिजली कानून में कई संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं। पुंडीर ने कहा कि जिन राज्यों में बिजली वितरण निजी हाथों में सौंपा गया है, वहां अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं। उपभोक्ताओं और राज्य सरकारों को वित्तीय एवं प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि बोर्ड के राजस्व का करीब 64 प्रतिशत हिस्सा औद्योगिक उपभोक्ताओं से प्राप्त होता है। यदि औद्योगिक उपभोक्ताओं को निजी कंपनियों के हवाले किया गया तो सरकारी बिजली कंपनी की वित्तीय स्थिति प्रभावित होगी। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि निजीकरण की दिशा में कदम बढ़ाए गए तो सार्वजनिक ढांचे को बचाने के लिए व्यापक आंदोलन किया जाएगा।