-नाहन पीजी कॉलेज में 221 विद्यार्थियों को सीपीआर, सर्च एंड रेस्क्यू और प्राथमिक उपचार का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। आपदा के समय घबराने के बजाय सही निर्णय लेकर खुद और दूसरों की जान कैसे बचाई जाए, इसकी जानकारी शुक्रवार को डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नाहन के विद्यार्थियों को दी गई। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 14वीं बटालियन, जसूर (नूरपुर) ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) सिरमौर के सहयोग से आपदा प्रबंधन, खोज एवं बचाव तथा प्राथमिक उपचार विषय पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। इसमें 221 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण शिविर में एनडीआरएफ के सब-इंस्पेक्टर अनिल सिंह, कांस्टेबल सब्बीर, विक्रम, पाटिल अमोल और नरेश कुमार ने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी। प्रशिक्षकों ने सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) का व्यावहारिक प्रदर्शन करते हुए बताया कि हृदय गति रुकने, बेहोशी अथवा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर प्राथमिक उपचार देकर किसी व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है।
इसके अलावा विद्यार्थियों को आग, भूकंप और बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान सुरक्षित निकासी, खोज एवं बचाव तकनीक, रक्तस्राव रोकने के उपाय तथा घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के तरीकों का भी प्रशिक्षण दिया गया। शिविर में एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवक, रोवर्स-रेंजर्स और भूगोल विभाग के विद्यार्थियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. जय चंद ने एनडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण विद्यार्थियों में आपदा के प्रति जागरूकता, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करते हैं।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विभव कुमार शुक्ला, डॉ. देवराज शर्मा, प्रो. भारती, आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. जगदीश चंद, डॉ. जय चंद, प्रो. रजत, प्रो. संदीप, प्रो. दिव्या, प्रो. अनिल तथा एलए अनिल कुमार सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।-