(ग्राउंड रिपोर्ट)
सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में स्टाफ नर्सों, चतुर्थ कर्मियों समेत करीब 75 पद रिक्त
600 से 700 तक पहुंच रही ओपीडी, विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त होने से दिक्कतें
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। 150 बिस्तरों की क्षमता वाले सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्टाफ की भारी कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 600 से 700 मरीज ओपीडी में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों के कई पद लंबे समय से रिक्त होने के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अस्पताल में स्टाफ नर्सों के 28 पदों सहित करीब 75 पद खाली हैं।
सबसे अधिक दिक्कत एमडी मेडिसिन, ईएनटी, शिशु रोग और त्वचा रोग विशेषज्ञ के पद रिक्त होने से हो रही है। क्षेत्रवासियों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से इन पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने की मांग की है। गिरिपार क्षेत्र से उपचार के लिए पहुंचे मरीज गोविंद चौहान, रतन शर्मा, प्रदीप कुमार, रवीना तोमर, कुंज बिहारी और ममता ठाकुर ने बताया कि अस्पताल का भवन आधुनिक है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं।
सोमवार को नाक, कान और गले से संबंधित बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचे, लेकिन ईएनटी विशेषज्ञ उपलब्ध न होने के कारण कई मरीजों को निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ा। त्वचा रोग विशेषज्ञ का पद भी लंबे समय से रिक्त है। आंजभोज क्षेत्र, कुंडियों, पड़दूनी, भगानी सहित दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से आईं ममता शर्मा, कृतिका, रक्षा ठाकुर, लवलीन और स्वाति ने बताया कि बरसात के मौसम में बच्चों में बुखार, उल्टी-दस्त और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि शिशु रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं हैं। उन्होंने बताया कि एसएनसीयू वार्ड भी दो वर्षों से अधिक समय से बंद पड़ा है। ऐसे में मजबूरी में कई अभिभावकों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है, जबकि कुछ ने अस्पताल में उपलब्ध अन्य चिकित्सकों से ही बच्चों का उपचार कराया।
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ये पद है लंबे समय से खाली
सिविल अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक, चीफ फार्मासिस्ट, डेंटिस्ट, मैट्रन, स्टाफ नर्स, वरिष्ठ सहायक, ओटीए, नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट, चालक, क्लीनर तथा अन्य कर्मचारियों सहित करीब 75 पद रिक्त हैं। इनमें स्टाफ नर्सों के 28 पद और दैनिक वेतनभोगी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 21 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। रिक्तियों के कारण कार्यरत कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ गया है। अस्पताल में रोजाना 600 से 700 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
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उच्चाधिकारियों को भेजा जा चुका है प्रस्ताव : डॉ. एवी राघव
सिविल अस्पताल पांवटा साहिब के कार्यकारी प्रभारी डॉ. एवी राघव ने बताया कि स्टाफ नर्सों और अन्य कर्मचारियों के अनेक पद रिक्त होने से स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में कठिनाइयां आ रही हैं। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि रिक्त पद भरने के बाद अस्पताल में मरीजों को और अधिक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। संवाद