बोले, वित्तीय लाभों के लिए लंबे समय से तरस रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। प्रदेश सरकार की ओर से डीए और विभागों में लंबित चिकित्सा भत्ता बिलों के भुगतान के लिए बजट का प्रावधान न करने पर पेंशनर भड़क गए हैं। पेंशनरों ने सरकार की मंशा पर सवालिया निशान लगाते हुए गहरा रोष प्रकट किया है।
प्रेस बयान में राजकीय सेवानिवृत्त अध्यापक संगठन जिला सिरमौर ने गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री द्वारा डीए की घोषणा न करने पर नाराजगी जताई। जिला प्रधान दलीप सिंह वर्मा, नीना कौशिक, गुरुदेव धीमान, संतराम शर्मा, वेद प्रकाश, ओम लता कालरा, बिजरा तोमर, सुखा मोहिल, मदन पंवार, सुंदर लाल सैनी, योगराज गुप्ता, प्रेम पाल चौहान, यशपाल कछावा, कंवर सिंह नेगी, जीएस सैनी, श्याम चंद शर्मा, मीनाक्षी, पीएस चौधरी, देवी सहाय शास्त्री, अशोक गौड़, राजकुमार, मोहन लाल पुंडीर और सुरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने पहले ही कई वित्तीय लाभ पहले ही रोक रखे हैं। उम्मीद थी कि सरकार डीए जारी करेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे उनमें घोर निराशा छाई है।
उन्होंने बताया कि विभागों में लंबे समय से चिकित्सा भत्ता बिल लंबित हैं। उम्मीद थी कि सरकार इन बिलों की एकमुश्त अदायगी के लिए एकमुश्त बजट की घोषणा करेगी ताकि बुजुर्ग पेंशनर अपना उपचार सही ढंग से करवा सकें, लेकिन यहां भी निराशा ही हाथ लेगी। उन्होंने कहा कि कई बुजुर्ग गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हैं, अधिक पैसा उपचार पर खर्च हो रहा है। ऐसे में बिलों का पैसा नहीं मिलने से उनको उपचार करवाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस ओर ध्यान देकर डीए और लंबित चिकित्सा भत्ता बिलों के लिए एकमुश्त बजट का प्रावधान करने की मांग दोहराई।