पांवटा साहिब (सिरमौर)। सेवा का जरिया कोई भी हो सकता है। जरूरी है कि इसमें नि:स्वार्थ भाव हो। पवन बोहरा एक ऐसे शख्स हैं जो सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा लोगों के लिए किसी मसीहा से कम नहीं हैं।
वह अब तक ऐसे 39 लोगों को राजस्थान के भरतपुर और जिला शिमला के चौपाल आश्रमों तक पहुंचा चुके हैं, जहां से तीन लोग पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने परिवार के साथ सकुशल जीवन जी रहे हैं। दो लोग ठीक होकर भरतपुर आश्रम में ही नौकरी कर रहे हैं। वह न केवल ऐसे मानसिक रोगियों के साथ समय व्यतीत करते हैं बल्कि उनका छोटा-मोटा उपचार भी स्वयं करते हैं।
मूल रूप से नाहन के तालों गांव के रहने वाले पवन बोहरा दीन दुखियों की सेवा में लगे हैं। सड़क पर घूमने वाले जिन मानसिक रोगियों को खाना खिलाना तो दूर, कई लोग पास जाने से भी परहेज करते हैं उन्हीं मानसिक रोगियों को पवन बोहरा राजस्थान के भरतपुर स्थित अपना घर आश्रम पहुंचाते हैं जहां मनोचिकित्सकों की टीम ऐसे रोगियों को ठीक कर चुकी है। जबकि बेसहारा बुजुर्गों को वह जिला शिमला के चौपाल स्थित मानव कल्याण सेवा केंद्र पहुंचाते आ रहे हैं।
समाज सेवा के इस जज्बे के लिए पवन को कई संस्थाएं सम्मानित भी कर चुकी हैं। निजी कंपनी में नौकरी कर रहे पवन बोहरा 2016 से इस सेवा में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि जब उनके पिता कैंसर के मरीज थे। चंडीगढ़ में उपचार के दौरान उनके पिता ऐसे लोगों की भी सेवा करते थे जिनके पास उपचार के लिए भी पैसे नहीं थे। खुद बीमार होते हुए भी गरीबों को खाना खिलाते थे। पिता के देहांत के बाद बोहरा ने इस सेवा को अपना संकल्प बना लिया। मानसिक रोगियों को खाना खिलाना, नहलाना और कपड़े खरीदकर देना भी सेवा में शामिल है।
पवन बोहरा ने बताया कि कोरोना काल में भी उन्होंने कई लोग भरतपुर पहुंचाए। अब तक वह 29 लोगों को अपना घर आश्रम में पहुंचा चुके हैं, जिनमें पांच लोग पूरी तरह ठीक हुए हैं। इसी तरह 10 बुजुर्ग लोगों को उन्होंने चौपाल स्थित वृद्घाश्रम में पहुंचाया।
अब धौलाकुआं में एक मानसिक रोगी उन्हें मिला है। युवक अपना नाम व पता बदल-बदल कर बता रहा है। पुलिस और प्रशासन के माध्यम से सभी औपचारिकताओं को पूरा करवाया जा रहा है ताकि अगले शुक्रवार को उसे भरतपुर पहुंचाया जा सके। उनके साथ 11 लोग भी जुड़े हैं जो प्रतिमाह अपनी कमाई के हजार-हजार रुपये जमा कर दीन दुखियों की सेवा में लगे हैं।
(उम्मीद की मशाल) मानसिक रोगी से बात करने का प्रयास पवन बोहरा। संवाद- फोटो : NAHAN
(उम्मीद की मशाल) सड़क पर बैठे मानसिक रोगी से बातचीत करते पवन बोहरा। संवाद- फोटो : NAHAN