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Sirmour News: पंचकर्म से मरीजों को राहत का अनुभव, 89 आयुष संस्थानों से मिल रहीं सेवाएं

Tue, 20 Oct 2026 12:56 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
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आयुष अस्पताल नाहन में शिरोधारा विधि से उपचार करवातीं मरीज। स्रोत : जन संपर्क विभाग
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घुटनों के दर्द से परेशान रंजीत सिंह ने उपचार के बाद आराम महसूस किया
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सुनीधि अग्रवाल ने सिरदर्द में अंतर आने की बात कही
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। घुटनों के दर्द से परेशान नाहन के रंजीत सिंह ने जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में पंचकर्म उपचार करवाया। उनके अनुसार, उपचार के बाद उन्हें आराम और शरीर में हल्कापन महसूस हुआ। वहीं, सिरदर्द और चक्कर की समस्या के लिए शिरोधारा करवाने वाली सुनीधि अग्रवाल ने उपचार के दूसरे दिन सिरदर्द में कुछ राहत महसूस होने की बात कही।
ये मरीजों के व्यक्तिगत अनुभव हैं। सिरमौर जिले में आयुष विभाग के 89 संस्थानों के माध्यम से आयुष सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इनमें 72 आयुष्मान आरोग्य संस्थान, 15 आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र और दो आयुर्वेदिक अस्पताल शामिल हैं। इन संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं के अनुसार आयुर्वेदिक उपचार और पंचकर्म की चयनित प्रक्रियाएं की जाती हैं।
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जिला आयुष अस्पताल नाहन के वरिष्ठ चिकित्सक एवं पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ. नरेश चौहान (बीएएमएस, एमडी पंचकर्म) ने बताया कि पंचकर्म आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति है। इसमें शिरोधारा, जानु बस्ती, ग्रीवा बस्ती, कटि बस्ती, नस्य कर्म, स्नेहन और स्वेदन जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। मरीज की स्वास्थ्य स्थिति और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार उपचार का चयन किया जाता है।
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इनसेट : पंचकर्म प्रशिक्षण से कौशल विकास
आयुष विभाग की पहल के तहत पच्छाद क्षेत्र के क्वाकधार गांव की लवली और नाहन क्षेत्र के बनेठी की कृतिका पुंडीर व गौंत की स्नेहा ठाकुर एक वर्षीय पंचकर्म टेक्नीशियन कोर्स कर रही हैं। इस प्रशिक्षण के माध्यम से वे पंचकर्म प्रक्रियाओं का व्यावहारिक ज्ञान हासिल कर रही हैं। इससे उन्हें आयुष सेवाओं से जुड़े क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं तलाशने का अवसर मिल रहा है। प्रशिक्षुओं ने बताया कि पाठ्यक्रम से उन्हें नए कौशल सीखने और व्यावसायिक क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिला है। विशेषज्ञों के अनुसार, पंचकर्म सहित किसी भी उपचार प्रक्रिया को अपनाने से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना और उपचार के दौरान उचित चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित करना जरूरी है।
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