एसडीएम पांवटा साहिब द्विज गोयल ने दोनों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई
नगर परिषद पांवटा साहिब में चुनाव के दो माह बाद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष ने संभाली कुर्सी
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। बुधवार को नगर परिषद पांवटा साहिब के सभागार में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का शपथ ग्रहण समारोह हुआ। एसडीएम द्विज गोयल ने लगातार दूसरी बार नगर परिषद अध्यक्ष बनी निर्मल कौर तथा प्रथम बार पार्षद सीट पर जीत कर आए इंद्रजीत सिंह मिक्का को उपाध्यक्ष पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर सदस्य (न्यायिक), सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल, प्रिंसिपल बेंच, नई दिल्ली हरविंदर कौर ओबेरॉय, स्थानीय विधायक सुखराम चौधरी, पूर्व विधायक शिलाई क्षेत्र बलदेव तोमर व वरिष्ठ भाजपा नेता मदन मोहन शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे।
बता दें कि 17 मई को प्रदेश भर में नगर परिषद के चुनाव व उसी दिन रात को परिणाम घोषित कर दिए गए थे। भाजपा समर्थित नगर परिषद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में देरी के खिलाफ उच्च न्यायालय तक जाना पड़ा। उसके बाद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष चयन को बैठक आयोजित हुई। अब करीब दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का शपथ ग्रहण समारोह हो सका है। इस दौरान शहरी क्षेत्र के विकास कार्य काफी प्रभावित हुए हैं। बुधवार को शपथ ग्रहण के बाद अध्यक्ष निर्मल कौर व उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह मिक्का ने कुर्सी संभाली है। नई कार्यकारिणी के गठन के साथ विकास कार्यों को नई गति मिल सकेगी। नगर परिषद अध्यक्ष निर्मल कौर ने बताया कि सभी पार्षदों के साथ आपसी समन्वय बनाने का प्रयास होगा। टीम भावना से कार्य कर हर वार्ड के समान विकास करेंगे।
कार्यक्रम में एसडीएम पांवटा साहिब द्विज गोयल, ईओ कंचन बाला, बीडीसी अध्यक्ष तारो देवी, कुलवंत चौधरी, मदन मोहन शर्मा, मनजिंद्र सिंह, रमेश तोमर, संजय सिंघल, शिवानी वर्मा, ओपी कटारिया, जसमेर सिंह भूरा, जीवन जोशी, कृष्णा धीमान, सीमा, अरविंद गुप्ता, रविंद्र सिंह, आशा, राजरानी, कविता, सर्वशक्ति भटनागर, मयंक चौहान, ममता, कुलदीप चौधरी मौजूद रहे।
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दूसरी बार अध्यक्ष बनी निर्मल कौर की ये रहेंगी चुनौतियां
इतिहास में प्रथम बार पांवटा नगर परिषद में लगातार अध्यक्ष बनी निर्मल कौर के समक्ष कई चुनौतियां रहेंगी। सबसे बड़ी चुनौती विकास के लिए बजट प्रावधान, शहरी क्षेत्र में जलभराव समस्या से निपटने को मास्टर प्लान, दो दशकों से लंबित करोड़ों गृहकर राशि, भूमिगत पार्किंग, शहरी गंदा नाला ढकने, पार्किंग बनते जा रहे एकमात्र खेल मैदान का रखरखाव, हर वार्ड में दो-दो पार्क योजना पूरी करना, पार्क के लिए छोड़ी भूमि पर अतिक्रमण रोकना, सड़कों के बीचों-बीच खड़े बिजली पोल, खस्ताहाल संपर्क मार्ग तथा सफाई व्यवस्था कायम रखना चुनौती रहेगी।