संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बर्मा पापड़ी में एनएसएस शिविर के अंतिम दिन सोमवार को एनएसएस स्वयंसेवकों सहित विद्यालय के सभी विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार और अग्नि सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को आपात परिस्थितियों में घबराने के बजाय तत्परता से प्राथमिक सहायता देने और सुरक्षित तरीके से मदद पहुंचाने के बारे में जानकारी दी गई।
शिविर के शाम के सत्र में विद्यालय की भूतपूर्व छात्रा डॉ. अमीशा ने रिसोर्स पर्सन के रूप में विद्यार्थियों से संवाद किया। डॉ. अमीशा ने इसी विद्यालय से शिक्षा प्राप्त की है और हाल ही में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में वह मेडिकल कॉलेज नाहन में इंटर्नशिप कर रही हैं। भूतपूर्व छात्रा के रूप में उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए, जो उनके लिए प्रेरणादायक रहा।
पीएचसी बर्मा पापड़ी, सुरला और सैनवाला की मेडिकल टीम ने डॉ. सौरव के नेतृत्व में विद्यार्थियों को विभिन्न आपात परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार की जानकारी दी। टीम ने चोट लगने, कुत्ते के काटने, सांप के काटने और आग से झुलसने की स्थिति में किए जाने वाले प्राथमिक उपचार तथा आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया। विद्यार्थियों को आपात स्थिति में सीपीआर देने की प्रक्रिया और घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से प्राथमिक सहायता देने के बारे में भी जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि गंभीर स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल प्राथमिक सहायता देना और घायल को जल्द से जल्द स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना जरूरी है। इसी क्रम में अग्निशमन विभाग कालाअंब की टीम ने आग लगने की स्थिति में सुरक्षा और बचाव के उपायों का प्रशिक्षण दिया। विद्यार्थियों को आग के विभिन्न प्रकार, आग लगने पर तत्काल उठाए जाने वाले कदम, अग्निशमन उपकरणों के सही उपयोग और आग से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही, स्वयं को सुरक्षित रखते हुए जरूरत पड़ने पर दूसरों की मदद करने के तरीके भी बताए गए।
विद्यालय की प्रधानाचार्या शालू परमार ने स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग की टीमों का आभार जताते हुए कहा कि इस तरह के व्यावहारिक प्रशिक्षण विद्यार्थियों को आपात परिस्थितियों में सही निर्णय लेने और आवश्यकता पड़ने पर स्वयं तथा दूसरों की सहायता करने में सक्षम बनाते हैं।