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Sirmour News: युवाओं में नशे की बड़ी वजह बुरी संगत, सर्वे में 68 फीसदी ने माना जिम्मेदार

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शिलाई कॉलेज में एनएसएस शिविर के दौरान जागरूकता रैली निकालते स्वयंसेवी। संवाद
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शिलाई कॉलेज के एनएसएस शिविर में नशे के कारणों और रोकथाम के उपायों पर सामने आए अहम तथ्य
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91 फीसदी लोगों ने नशामुक्ति जागरूकता गतिविधियों में भाग लेने की जताई इच्छा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिलाई (सिरमौर)। युवाओं में नशे की बढ़ती समस्या के पीछे बुरी संगत एक प्रमुख कारण बनकर सामने आई है। राजकीय महाविद्यालय शिलाई की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के स्वयंसेवकों की ओर से नाया गांव में किए गए सर्वेक्षण में 68 फीसदी लोगों ने मित्र मंडली को नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार माना। वहीं, 87 फीसदी लोगों ने नशे की समस्या से निपटने के लिए उचित उपचार और परामर्श को मददगार बताया। सर्वे में शामिल 91 फीसदी लोगों ने गांव में भविष्य में नशामुक्ति जागरूकता गतिविधियों में भाग लेने की इच्छा जताई।
महाविद्यालय की एनएसएस इकाई एक और दो के सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण समस्याओं की पहचान और नशामुक्ति जागरूकता से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यवाहक प्राचार्य गोपाल भारद्वाज के मार्गदर्शन में कार्यक्रम अधिकारी रंजना चौहान और यशपाल शर्मा के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को जागरूक किया।
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नशे की समस्या को समझने के लिए स्वयंसेवकों ने 67 लोगों से सर्वेक्षण किया। इसमें 19 फीसदी लोगों ने तनाव, जबकि 10 फीसदी ने पारिवारिक या सामाजिक समस्याओं को युवाओं में नशे की लत का प्रमुख कारण माना। सर्वेक्षण में 72 फीसदी लोगों को ही यह जानकारी थी कि नशे से जुड़ी समस्या होने पर सहायता या परामर्श कहां से प्राप्त किया जा सकता है।
नशे की रोकथाम के उपायों पर 56 फीसदी लोगों ने गांव में जागरूकता शिविर लगाने को उपयोगी बताया, जबकि 35 फीसदी ने खेल प्रतियोगिताओं को बेहतर विकल्प माना। सर्वेक्षण में युवाओं और पुरुषों के बीच खेल गतिविधियों के समर्थन की संख्या अधिक रही।
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शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने नशामुक्ति रैली निकालने के साथ टीबी के प्रति जागरूकता अभियान भी चलाया। इससे पहले सुबह योग सत्र आयोजित किया गया। इसके बाद प्रो. रीबा ठाकुर और प्राणीशास्त्र विभाग के सहयोग से स्वयंसेवकों को बागवानी और कीट प्रबंधन की जानकारी दी गई। उन्हें पौधों के लिए उपयुक्त मिट्टी तैयार करने, बगीचे के रखरखाव तथा लाभकारी और हानिकारक कीटों की पहचान के तरीके बताए गए।-
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