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एक कमरे में आठवीं तो स्कूल के बरामदे में छठी-सातवीं ने दी परीक्षा

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माध्यमिक स्कूल प्रेमनगर के कमरे में परीक्षा देते आठवीं कक्षा के विद्यार्थी। - फोटो : NAHAN
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सराहां (सिरमौर)। पच्छाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तीन ऐसे स्कूल हैं जो वन विभाग की भूमि पर बने हैं। आजतक इन पाठशालाओं में अतिरिक्त कमरों का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
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मजबूरन विद्यार्थियों को बरामदे, स्टाफ कार्यालय तो कभी एक कमरे में कक्षाएं संचालित करनी पड़ रही हैं। इन स्कूलों में प्रेमनगर माध्यमिक पाठशाला का कार्यालय, छठी, सातवीं व आठवीं कक्षाएं व मिड-डे मील एक ही कमरे में चल रहा है।
जबकि, मलगन उच्च पाठशाला व बड़ा चाकली माध्यमिक पाठशाला भी वन विभाग की भूमि पर बने होने से यहां अतिरिक्त कमरों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। सोलन व सिरमौर की सीमा पर चल रहे प्रेमनगर माध्यमिक पाठशाला में तीन कक्षाएं एक ही कमरे में चल रही हैं।
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सोमवार को जब संवाद टीम साढ़े 11 बजे प्रेमनगर पाठशाला पहुंची तो हालात चौंकाने वाले थे। प्रेमनगर पाठशाला के एक कमरे में आठवीं कक्षा के छात्र वार्षिक परीक्षा दे रहे थे तो कमरे के बाहर बरामदे में छठी और सातवीं कक्षा के विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षाएं चल रही थीं।
करीब 12 बजे ऐसी ही हालत प्राथमिक पाठशाला प्रेमनगर की भी नजर आई। इस पाठशाला के एक कमरे में चौथी व पांचवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा चल रही थी। इसी कमरे में कार्यालय का कामकाज भी चल रहा था। जबकि, एक अन्य कमरे में पहली, दूसरी व तीसरी कक्षा के विद्यार्थी वार्षिक परीक्षा दे रहे थे। इस कमरे की हालत भी काफी खस्ताहाल बनी हुई है। यह पाठशाला सन 1962 से चल रही है जहां 42 बच्चे प्राथमिक पाठशाला में अध्ययनरत हैं।
जबकि, माध्यमिक पाठशाला में 18 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके साथ-साथ मलगन स्कूल में 37 बच्चे और बड़ा चाकली स्कूल में 33 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। प्रेमनगर के एसएमसी प्रधान अश्विनी कुमार ने बताया कि पाठशाला भवन वन विभाग की भूमि पर बनी होने से अतिरिक्त भवन का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
स्कूल प्रभारी भविंद्र सिंह ने बताया कि एक कमरे में तीन कक्षाओं को चलाने में भारी कठिनाई पेश आ रही है। उन्होंने कहा कि बारिश के बीच तीन कक्षाओं को एक कमरे में बैठाने में परेशानी हो रही है। वन विभाग को भूमि शिक्षा विभाग के नाम करने को लेकर पत्राचार किया जा चुका है लेकिन अभी तक भूमि शिक्षा विभाग के नाम नहीं हुई है।
बीईईओ सराहां राजेश शर्मा ने बताया कि सराहां शिक्षा खंड के बड़ा चाकली, प्रेमनगर व मलगन स्कूल वन विभाग की भूमि पर बने हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग को शिक्षा विभाग के नाम करने को लेकर पत्राचार किया जा चुका है।
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