सरकार की नई कलस्टर प्रणाली के खिलाफ लामबंद हुए प्राथमिक शिक्षक
प्राथमिक शिक्षा प्रणाली के ढांचे को तहस-नहस करने वाला बताया कदम
पंकज तन्हा
नाहन (सिरमौर)। जिले में कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों ने नई कलस्टर प्रणाली को प्राथमिक शिक्षा ढांचे को तहस-नहस करने वाला बताया है।
उनका कहना है कि नई प्रणाली से हिमाचल में शिक्षा व्यवस्था उन्नति के स्थान पर अवनति की ओर जाएगी। 500 मीटर दूर मॉर्निंग असेंबली, मध्याहन भोजन में लाने और ले जाने में ही बहुत सा समय नष्ट हो जाएगा।
नई व्यवस्था प्राथमिक पाठशालाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए सही नहीं है, इससे शिक्षकों में असमंजस की स्थिति में बनी रहेगी। ऐसे में प्राथमिक शिक्षकों ने सरकार से इस फैसले पर फिर से निर्णय करने की मांग की है।
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1. नई व्यवस्था से प्राथमिक शिक्षकों पर बढ़ेगा बोझ
प्राथमिक शिक्षक संघ सिरमौर के जिला प्रवक्ता चतर सिंह ठाकुर ने कहा कि प्राथमिक शिक्षकों पर पहले ही काम का बहुत बोझ है। वह प्री प्राइमरी कक्षाओं का भी संचालन कर रहे हैं। नई प्रणाली से प्राथमिक शिक्षकों पर काम का अधिक बोझ बढ़ जाएगा।
2. प्रधानाचार्य के अधीन करना सही नहीं
पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति के अध्यक्ष और प्राथमिक शिक्षक मायाराम शर्मा ने कहा कि रिसोर्स शेयर करने का कार्य पहले से होता आ रहा है लेकिन प्राथमिक शिक्षकों को प्रधानाचार्य के अधीन करना सही नहीं है। वह पहले ही मुख्य शिक्षक प्रभारी, केंद्रीय मुख्य शिक्षक के अधीन कार्य कर रहे हैं। सरकार को शिक्षा में सुधार के लिए स्टाफ की नियुक्ति करने की जरूरत है।
3. सरकार अपने फैसले को वापस ले
प्राथमिक शिक्षक संघ कफोटा के महासचिव अनिल तोमर ने सरकार से नई कलस्टर प्रणाली लागू करने का फैसला वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस नई प्रणाली में कई चीजें व्यावहारिक ही नहीं है। ऐसे में उम्मीद है मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री इसमें हस्तक्षेप करके 25 हजार जेबीटी शिक्षकों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।
-संवाद
चतर सिंह ठाकुर, जिला प्रवक्ता, प्राथमिक शिक्षक संघ सिरमौर
चतर सिंह ठाकुर, जिला प्रवक्ता, प्राथमिक शिक्षक संघ सिरमौर