उपायुक्त की अध्यक्षता में मेला प्रबंधों को लेकर बैठक
कालाआंब-त्रिलोकपुर मार्ग की समय रहते मरम्मत के निर्देश
मेला क्षेत्र चार सेक्टरों में बंटेगा, मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी तैनात
पुलिस, होमगार्ड और निजी सुरक्षा कर्मी देखेंगे सुरक्षा व्यवस्था
1 अप्रैल को कुश्ती, पॉलिथीन पर प्रतिबंध और चयनित स्थलों पर ही लगेंगे भंडारे
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। श्री महामाया बाला सुंदरी नवरात्र मेला त्रिलोकपुर में 19 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा। मेले के आयोजन से जुड़े प्रबंधों की समीक्षा को लेकर उपायुक्त प्रियंका वर्मा की अध्यक्षता में बैठक हुई।
उपायुक्त ने कहा कि मेले में यात्रियों को हरसंभव सुविधा दी जाएगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि वे कालाआंब से त्रिलोकपुर मुख्य मार्ग तथा त्रिलोकपुर के लिए अन्य संपर्क मार्गों की समय रहते मरम्मत करें। उन्होंने मंदिर न्यास तथा सरकारी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बैठक में लिए निर्णयों का पालन सुनिश्चित करें।
मेले के लिए एसडीएम नाहन को मुख्य मेला अधिकारी, तहसीलदार नाहन को मेला अधिकारी तथा डीएसपी नाहन को कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए मेला पुलिस अधिकारी नियुक्त किया है। उन्होंने कहा कि मेले के प्रभावी प्रबंधन को लेकर मेला क्षेत्र को चार सेक्टरों में बांटा जाएगा। हर सेक्टर में ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी तैनात रहेंगे।
उन्होंने बताया कि मेले के दौरान यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे। कानून एवं व्यवस्था तथा ट्रैफिक व्यवस्था के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके अतिरिक्त व्यवस्था बनाए रखने के लिए गृह रक्षा व निजी सुरक्षा एजेंसियों के सुरक्षा कर्मचारियों को अस्थायी आधार पर तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था इस प्रकार की जाएगी, जिससे त्रिलोकपुर के स्थानीय निवासियों को असुविधा का सामना न करना पड़े। बैठक में निर्णय लिया कि 1 अप्रैल (चौदस) को कुश्ती का आयोजन किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पॉलिथीन का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा।
मेले में साफ-सफाई को लेकर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त कालाआंब से त्रिलोकपुर तक यातायात नियंत्रण, वैकल्पिक मार्ग व्यवस्था, सूचना केंद्र की स्थापना, आपातकालीन सेवाएं, स्वास्थ्य व्यवस्था, खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, मेला क्षेत्र की साज-सज्जा व विद्युतीकरण, परिवहन सुविधा व वाहन पार्किंग तथा आपदा प्रबंधन को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।उन्होंने कहा कि मेले के दौरान केवल चयनित भंडारा स्थलों पर ही भंडारे का आयोजन होगा।
बैठक में तहसीलदार नाहन एवं मंदिर अधिकारी त्रिलोकपुर उपेंद्र कुमार, मंदिर न्यास के सरकारी व गैर-सरकारी सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।